सीईओ चंद्रवंशी ने बालोद विकासखंड के जुंगेरा, रानीतराई, सांकरा (ज) तथा गुण्डरदेही विकासखंड के कुरदी गांव पहुंचकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत बनाए गए ट्रेंच, जल संरक्षण संरचनाओं और अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता जांची। इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत निर्मित कचरा संग्रहण शेड और मैजिक पिट की स्थिति भी देखी।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्य केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण दिखने चाहिए। लंबित कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश देते हुए उन्होंने अधिकारियों और तकनीकी अमले को गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की चेतावनी दी।
दौरे के दौरान सीईओ चंद्रवंशी का एक अलग और सकारात्मक पक्ष भी सामने आया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर लगातार गिरते भू-जल स्तर पर चिंता जताई और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पानी सबसे बड़ी चुनौती बनने वाला है, इसलिए हर गांव और हर घर में जल संचय की व्यवस्था जरूरी है।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही नए आवासों के आसपास पौधारोपण करने की सलाह देते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उनका मानना है कि गांवों का विकास केवल भवन निर्माण से नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और स्वच्छ वातावरण से संभव है।
सीईओ चंद्रवंशी ने ग्रामीणों से अपने गांव को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएं तभी सफल मानी जाएंगी जब उनमें जनता की भागीदारी होगी और गांव आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

निरीक्षण के दौरान मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनपद पंचायत बालोद का अमला मौजूद रहा। प्रशासनिक टीम ने विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी का यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और जनभागीदारी को लेकर प्रशासन की गंभीरता का स्पष्ट संदेश देता नजर आया।




















