बालोद,।सुशासन तिहार 2026 के तहत डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम संजारी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और समाधान का केंद्र बनकर सामने आया। गुरुवार 21 मई को आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याएं, मांगें तथा शिकायतें प्रशासन के समक्ष रखीं। निर्धारित समयावधि सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक शिविर में अधिकारी-कर्मचारी लगातार मौजूद रहे और लोगों की समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया को गंभीरता से आगे बढ़ाया गया।
शिविर में कुल 352 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें विभिन्न विभागों से जुड़ी मांगें और शिकायतें शामिल रहीं। पंजीयन काउंटर में निर्धारित समय तक आवेदन लिए गए और इसके बाद शिविर का समापन किया गया। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया गया कि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना जाए।

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शिवनाथ बघेल ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप अधिकारी-कर्मचारियों ने समय पर उपस्थित होकर अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन किया। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके गांव में ही शासन की योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
शिविर में विधायक अनिला भेड़िया, जनपद अध्यक्ष कांति सोनबरसा, जनपद उपाध्यक्ष जयलाल मालेकर, जिला पंचायत सदस्य चुन्नी मानकर, प्रभा मानकर सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित भी किया गया।

जनपद उपाध्यक्ष जयलाल मालेकर ने शिविर को ग्रामीणों के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह पहल सीधे जनता तक प्रशासन को पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर इस तरह के शिविर लगने से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो रहा है और आम जनता का शासन-प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत हो रहा है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
शिविर में जल संसाधन विभाग, समाज कल्याण विभाग, जनसंपर्क विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
वहीं कुछ जिला स्तरीय अधिकारी गुण्डरदेही विकासखंड के राहुद में आयोजित समानांतर शिविर में व्यस्त रहने के कारण उनके प्रतिनिधि अधिकारियों ने संजारी शिविर में जिम्मेदारी संभाली।
ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और प्रशासन की तत्परता के बीच आयोजित यह शिविर सुशासन तिहार के उद्देश्य को जमीन पर सफलतापूर्वक साकार करता नजर आया।




















