प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मजदूर लगभग 10 फीट गहरे गड्ढे में उतरकर पाइप लाइन बिछाने का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी खिसक गई और मजदूर देखते ही देखते मलबे में दब गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग, मजदूर और पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची तथा JCB मशीन की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।

मृतकों में किशुन कुमार, राकेश कुमार तथा बैशाखिन नामक महिला का नाम सामने आया है। बताया जा रहा है कि मजदूरों को बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और सुरक्षा मानकों के गहरे गड्ढे में उतारा गया था। यही वजह है कि हादसे के बाद बीएसपी प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और मजदूर संगठनों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही के कारण मजदूरों की जान गई। मौके पर मौजूद लोगों ने भी रेस्क्यू कार्य में प्रशासन का सहयोग करते हुए मलबे में दबे मजदूरों को निकालने में मदद की।
सूत्रों के अनुसार मजदूर संगठन के पदाधिकारी बुधवार को मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर सकते हैं। साथ ही मृतक एवं प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को रोजगार तथा हादसे की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी उठ सकती है।
फिलहाल दल्लीराजहरा थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के वास्तविक कारणों की पड़ताल की जा रही है।




















