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खरीफ से पहले खाद संकट के आसार! कांग्रेस ने सरकार को घेरा, कहा— “किसानों को फिर न झेलनी पड़े उर्वरक की मार”

रायपुर/बालोद। खरीफ सीजन से पहले प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मई के दूसरे सप्ताह तक भी सरकार किसानों के लिए पर्याप्त उर्वरक की व्यवस्था नहीं कर पाई है, जिससे किसानों में चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश के लगभग सभी प्रमुख समाचार पत्रों में उर्वरकों की कमी की खबरें प्रकाशित हो रही हैं, लेकिन सरकार अब तक स्थिति स्पष्ट करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष खाद संकट झेल चुके किसान इस बार सरकार की चुप्पी से और ज्यादा परेशान हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में कुल 2058 सहकारी समितियां हैं, जिनकी भंडारण क्षमता 4 लाख 84 हजार 665 मीट्रिक टन है। वहीं खरीफ सीजन के लिए करीब 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन अब तक केवल लगभग 51 हजार मीट्रिक टन उर्वरक का ही भंडारण हो पाया है, जो तय लक्ष्य का लगभग 35.95 प्रतिशत बताया जा रहा है।

कांग्रेस ने विशेष रूप से डीएपी खाद की कमी को गंभीर बताते हुए कहा कि प्रदेश में डीएपी का भंडारण लक्ष्य 2 लाख 25 हजार 650 मीट्रिक टन तय किया गया है, जबकि अब तक मात्र 25 प्रतिशत ही भंडारण हो सका है। बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग के कई जिलों में स्थिति और भी चिंताजनक बताई जा रही है।

सरकार श्वेत पत्र जारी करे” — कांग्रेस

सुशील आनंद शुक्ला ने मांग की कि राज्य सरकार उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर श्वेत पत्र जारी करे और किसानों को स्पष्ट बताए कि प्रदेश में वास्तविक मांग कितनी है तथा अब तक कितनी मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं और भाजपा नेता पहले से ही खाद संकट को लेकर बहाने तलाशने लगे हैं।

किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं” — कुंवर सिंह निषाद

इस मुद्दे पर गुण्डरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि खरीफ सीजन किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है और यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं हुई तो खेती पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीति छोड़ किसानों की चिंता करनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “पिछले साल भी किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ा था। इस बार सरकार को पहले से तैयारी करनी चाहिए थी, लेकिन अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

सोसायटियों में अभी से दिखने लगी कमी” — मिथलेश निरोटी

जिला पंचायत सदस्य मिथलेश निरोटी ने आरोप लगाया कि ग्रामीण क्षेत्रों की कई सहकारी समितियों में अभी से खाद की कमी दिखाई देने लगी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते पर्याप्त आपूर्ति नहीं हुई तो किसानों को निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद खरीदने मजबूर होना पड़ेगा।

सरकार जवाब दे” — चंद्रेश हिरवानी

कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों के मुद्दों पर लगातार विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल जिलेवार उर्वरक उपलब्धता की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि किसानों में भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध नहीं कराया गया तो कांग्रेस किसानों के हित में सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।

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