
संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाए जाने पर डौण्डीलोहारा और गुण्डरदेही के खंड चिकित्सा अधिकारियों सहित वीईटीओ और बीपीएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अपेक्षित उपलब्धि नहीं देने वाले सीएचओ और आरएचओ के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए गए हैं।
सीईओ चंद्रवंशी ने शून्य प्रसव वाले स्वास्थ्य केंद्रों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों के वेतन रोकने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को साफ तौर पर कहा कि जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक जिम्मेदार अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाई जाए।

बैठक में चंद्रवंशी ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार केवल कागजों में नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही अब सीधे कार्रवाई का कारण बनेगी।
समीक्षा के दौरान टीकाकरण, परिवार नियोजन, कुष्ठ उन्मूलन, टीबी नियंत्रण, डायलिसिस, तंबाकू नियंत्रण, सिकलसेल, एनीमिया, मलेरिया जांच सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों की आधार आधारित उपस्थिति व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेएल उइके, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशुतोष शर्मा सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
इस सख्त रुख से साफ है कि जिला प्रशासन अब स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की ढिलाई को लेकर गंभीर है और जवाबदेही तय करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।




















