पानी, सड़क, सफाई और बिजली जैसे बुनियादी मुद्दों को दरकिनार करने का आरोप, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता देने की मांग
बालोद। गुरुवार को नगर पालिका की सामान्य सभा की बैठक उस वक्त विवादों में आ गई, जब कांग्रेस पार्षदों ने जनता से जुड़े मूलभूत मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। विरोध स्वरूप पार्षदों ने बैठक से सामूहिक रूप से वॉकआउट किया और पालिका कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की।
नेता प्रतिपक्ष कश्मुद्दीन कुरेशी ने कहा कि सामान्य सभा की बैठक का उद्देश्य शहर की जमीनी समस्याओं पर गंभीर चर्चा करना होना चाहिए था, लेकिन पानी, सड़क, सफाई और बिजली जैसे अहम मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि जब जनहित के विषयों को उठाने का प्रयास किया गया, तो उन्हें गंभीरता से लेने के बजाय टालने और दबाने की कोशिश की गई।
पार्षद विनोद बंटी शर्मा ने कहा कि यह बहिष्कार जनता के मुद्दों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में रखे गए विषय न तो आम नागरिकों की समस्याओं से जुड़े थे और न ही शहर के विकास के लिए कोई ठोस दिशा प्रस्तुत करते हैं। उनके अनुसार, पूरी बैठक औपचारिकता और दिखावे तक सीमित रही।
वहीं पार्षद सुमीत शर्मा ने साफ तौर पर कहा कि इस प्रकार की कार्यशैली और प्रस्तावों को पूरी तरह खारिज किया जाता है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें अपनी आवाज़ बनने के लिए चुना है और वे इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेंगे। यदि आगे भी जनसमस्याओं को नजरअंदाज किया गया, तो कांग्रेस पार्षद हर स्तर पर इसका विरोध करेंगे।
कांग्रेस पार्षदों ने मांग की है कि आगामी बैठकों में जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी जाए, निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और हर फैसला आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में लिया जाए।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष कश्मुद्दीन कुरेशी, उप नेता प्रतिपक्ष सुनील मालेकर, पार्षद विनोद बंटी शर्मा, सुमीत शर्मा, रीता सोनी और किरण साहू सहित अन्य पार्षद मौजूद रहे।




















