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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: UCC समिति गठन से महिलाओं-सैनिकों को राहत, खनन और उद्योग नियमों में बड़े बदलाव

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई अहम और दूरगामी फैसले लिए गए। कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाते हुए पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है। इसके साथ ही महिलाओं, सैनिकों, उद्योग, खनन, पशुपालन और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

UCC पर छत्तीसगढ़ ने बढ़ाया कदम
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में Uniform Civil Code लागू करने के लिए प्रारूप तैयार कराने हेतु समिति गठन का निर्णय लिया है। यह समिति नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर मसौदा तैयार करेगी।
सरकार का तर्क है कि विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और पारिवारिक मामलों में अलग-अलग धर्मों के अलग कानून न्यायिक प्रक्रिया को जटिल बनाते हैं। एक समान नागरिक संहिता से कानून सरल, पारदर्शी और न्यायसंगत होगा।
महिलाओं को बड़ी राहत: जमीन रजिस्ट्री आधी फीस पर
महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत छूट देने का फैसला लिया गया है। इस निर्णय से महिलाओं को संपत्ति खरीदने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। सरकार को इससे लगभग 153 करोड़ रुपये राजस्व हानि होगी, लेकिन इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सैनिकों और वीरांगनाओं के लिए स्टाम्प शुल्क में छूट
सेवारत सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को राज्य के भीतर 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि सेवा के दौरान लगातार स्थानांतरण झेलने वाले सैनिकों को स्थायी निवास के लिए यह राहत महत्वपूर्ण सहारा देगी।
उद्योगों के लिए नियम आसान, निवेश को बढ़ावा
छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन कर सेवा क्षेत्र को स्पष्ट पात्रता दी गई है।
PPP मॉडल, NBFC संस्थाओं की भागीदारी, शेयर धारिता परिवर्तन और लैंड बैंक भूखंडों के लिए पहुंच मार्ग जैसे प्रावधानों से निवेश माहौल बेहतर होगा और Ease of Doing Business को मजबूती मिलेगी।

रेत खदानों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ेगा
अब केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों, जैसे छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, को रेत खदानें आरक्षित की जा सकेंगी।
सरकार का दावा है कि इससे निजी पट्टेदारों के एकाधिकार पर रोक लगेगी और दूरदराज क्षेत्रों में रेत उपलब्धता सुधरेगी।

अवैध खनन पर सख्ती: 5 लाख तक जुर्माना
गौण खनिज नियम 2015 में बड़े संशोधन के तहत अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर न्यूनतम 25 हजार से अधिकतम 5 लाख रुपये तक जुर्माना तय किया गया है।
लंबे समय से बंद या निष्क्रिय खदानों पर कठोर कार्रवाई होगी और 30 वर्षों बाद अनिवार्य भाटक दरों में वृद्धि भी लागू होगी।

डेयरी और पशुपालन को बढ़ावा
दुधारू पशु प्रदाय पायलट परियोजना में अब सभी सामाजिक वर्गों को शामिल किया जाएगा। पहले यह सीमित वर्ग तक केंद्रित थी।
इससे अनुसूचित जनजाति सहित सभी वर्गों के हितग्राहियों को स्वरोजगार और आय वृद्धि का लाभ मिलेगा।

पशु टीकाकरण के लिए NDDB से सीधी खरीद
पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए आवश्यक टीकों की खरीद अब Indian Immunologicals Limited, हैदराबाद से की जाएगी।
निविदा प्रक्रिया में बाधाओं के कारण समय पर वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। इस फैसले से टीकाकरण अभियान तेज होगा और पशुपालकों को राहत मिलेगी।

मध्यप्रदेश से मिलेगा 8,536 करोड़ का भुगतान
छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच पेंशन दायित्वों के बंटवारे में हुए अतिरिक्त भुगतान के मामले में मध्यप्रदेश सरकार ने 10,536 करोड़ रुपये लौटाने पर सहमति दी है।
इसमें 2,000 करोड़ रुपये पहले ही मिल चुके हैं, जबकि शेष राशि 6 वार्षिक किश्तों में दी जाएगी।
खरीफ सीजन और LPG आपूर्ति की भी समीक्षा
बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरक उपलब्धता और राज्य में LPG गैस आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

कैबिनेट के फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार एक साथ सामाजिक सुधार, महिला सशक्तिकरण, सैनिक सम्मान, औद्योगिक निवेश और संसाधन प्रबंधन पर राजनीतिक संतुलन साधने की रणनीति पर काम कर रही है। UCC समिति गठन का फैसला जहां वैचारिक रूप से बड़ा राजनीतिक संकेत है, वहीं महिलाओं और सैनिकों को राहत देने वाले फैसले जनहित की सीधी राजनीति को मजबूत करते हैं।

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