बालोद शहर में चिनार कॉम्प्लेक्स के पीछे उदयाचल नेत्रालय और जैन श्रीसंघ के संयुक्त प्रयास से नेत्र जांच एवं चश्मा केंद्र का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रायपुर से रिकेश बरडिया और विशिष्ट अतिथि के रूप में राजनांदगांव से उत्तमचंद जैन, पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना, राजेन्द्र बाफना, अशोक मोदी, भिखमचंद सांखला, डॉ. प्रदीप जैन और ताराचंद सांखला मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आगाज़ संभवनाथ महिला मंडल द्वारा स्वागत गीत और जैनत्व ग्रुप के मंगलाचरण से हुआ। मंच पर आए मेहमानों ने उदयाचल संस्था के कार्यों की सराहना की। मुख्य अतिथि रिकेश बरडिया ने हर माह दो नेत्र ऑपरेशन का खर्च और रोज़ दो ज़रूरतमंदों को चश्मा देने की जिम्मेदारी उठाने का ऐलान किया।

इस मौके पर पद्मश्री डॉ. पुखराज बाफना ने कहा कि 1968 से शुरू हुई यह संस्था आज देश के पाँच प्रमुख धर्मार्थ अस्पतालों में शुमार है। उन्होंने बताया कि आपसी सहयोग और समर्पण से ही यह सेवा अभियान लगातार आगे बढ़ा है।
जैन श्रीसंघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जैन ने आंखों को शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग बताते हुए कहा कि उदयाचल का लाभ अब बालोद के आम लोगों को मिलेगा।

ताराचंद सांखला बने केंद्रबिंदु
कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा जैन श्रीसंघ अध्यक्ष ताराचंद सांखला की रही। उन्होंने स्व. घेवरचंद, खेतमल और पांची बाई की स्मृति में संस्था को एक बड़ी राशि भेंट की। सांखला ने कहा – “उदयाचल जैसी सेवाभावी संस्था से जुड़कर सेवा करना गर्व की बात है। बालोद में यह केंद्र उन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा जो महंगे नेत्र उपचार का खर्च नहीं उठा सकते।”

कार्यक्रम में 16 वर्षीय नैतिक गोलछा को उनके 22 उपवास की तपस्या पर सम्मानित किया गया। इसी मौके पर ताराचंद सांखला की सुपुत्री आकांक्षा सांखला की पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
राजनांदगांव से आए अशोक मोदी, विनय श्रोता, हरीश सांखला, लाला चोपड़ा, सुदामा मोटरानी, विनोद रायचा समेत बड़ी संख्या में अतिथि और स्टाफ मौजूद रहे। वहीं जैन श्रीसंघ से गुलाबचंद नाहटा, रूपचंद गोलछा, प्रदीप चौरड़िया, मनीष कोठारी, नीलेश नाहटा, धनदत्त बाघमार, संजय ढ़ेलडिया, मयंक लोढ़ा, महावीर बाफना, अभय ललवानी, राकेश बाफना, संजय बाघमार, लक्की लोढ़ा, चेतन ढ़ेलडिया, तरुण नाहटा, प्रकाश भंसाली, मुकेश भंसाली, रमेश बाफना, दिलीप गोलछा, प्रमोद गोलछा, राजेन्द्र टाटिया और ओमजी टाटिया भी मौजूद रहे।कार्यक्रम का संचालन मांगीलाल ढ़ेलडिया ने किया और जानकारी संस्था के रूपचंद गोलछा ने दी।
इस पहल से उम्मीद है कि बालोद और आसपास के सैकड़ों गरीब और निम्न वर्गीय परिवारों को आंखों की जांच और इलाज में बड़ी राहत मिलेगी।




















