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दल्लीराजहरा नगरपालिका में करीब ढाई करोड़ की खरीदी में गड़बड़ी…नपा उपाध्यक्ष ने मंत्री से इन जिम्मेदारों के खिलाफ की लिखित शिकायत

बालोद।जिले के दल्लीराजहरा नगर पालिका के उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने नगर पालिका के सीएमओ,लेखपाल व सहायक अभियंता द्वारा 15 वे वित्त आयोग टाइड मद से लगभग 2.47 करोड़ की खरीदी में आर्थिक अनियमितता करने का गंभीर आरोप लगाते हुए इसकी लिखित शिकायत शुक्रवार को बालोद में एक दिवसीय प्रवास पर पहुंचे उप मुख्यमंत्री अरुण साव से की है।जिस पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जांच का आदेश दिया है। नगर पालिका उपाध्यक्ष मनोज दुबे द्वारा उप मुख्यमंत्री को सौंपे गए शिकायत में बताया गया कि नगर पालिका दल्ली राजहरा में 15 वे वित्त के टाइड ग्रांट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अंतर्गत वाहन/उपस्कर क्रय किए जाने सामानों बेलिंग मशीन,पानी टैंकर,ई कार्ट फार गार्बेज, मोबाइल टायलेट ,इंसीनेटर यूनिट,नाला मेन,सक्शन मशीन ट्वीन बिन(स्टील) ,ट्राइसाइकिल, टोइंग ट्रेलर मशीन जेम पोर्टल से खरीदी हेतु 2 करोड़ 47 लाख की निविदा जारी की गई थी जिसमें मुख्य नगर पालिका अधिकारी,लेखपाल एवं सहा. अभियंता द्वारा ठेकदार को लाभ पहचाने हेतु भारी अनियमितता बरतते हुए ठेकदार को भुगतान किया गया है।

बिना सामान आए ही कर दिया भुगतान

उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने बताया कि सहा.अभियंता द्वारा अपने चहते ठेकेदार को लाभ पहचाने हेतु मुख्य नगर पालिका अधिकारी से साठ गांठ कर खुद को जेम पोर्टल का बायर बनाया गया और ठेकेदार के दिए नियम शर्तों को बिना सक्षम स्वीकृति लिए अलग अलग सामानों हेतु एक समान नियम शर्तों की झड़ी लगाकर ठेकेदार को लाभ पहुंचाया गया।मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा बिना सामान आए ही लेखपाल के साथ मिलकर ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया जिसके बाद समान नगर पालिका में पहुंचा है जिसकी पुष्टि भंडार शाखा के पंजी से की जा सकती है भुगतान की तारीख ओर स्टॉक पंजी की तारीख से मिलान किया जा सकता है।
नगर पालिका में वरिष्ठ अभियंता के रहते आए हुए सामानों का गुणवत्ता परीक्षण भी सहा. अभियंता द्वारा ही किया गया जो कि इसके बायर भी है वो इसलिए क्योंकि इनके द्वारा बिना सामान आए ही भुगतान किया जा चुका था इस हेतु गुणवत्ता परीक्षण भी स्वयं ही इनके द्वारा किया गया। इन सब प्रक्रिया में इन अधिकारियों ने इतनी जल्द बाजी की गई कि बिल को न विधिवत रूप से किसी लिपिक के द्वारा बढ़ाया गया न ही बिल को भंडार शाखा से बढ़ाया गया है। इन भ्रष्ट अधिकारियों को ठेकेदार को बिना सामान आए भुगतान करने की इतनी जल्दी थी कि बिना पी आई सी/ परिषद से सक्षम स्वीकृति लिए बिना ही अग्रिम भुगतान कर दिया गया ।

स्वक्षता दीदियों द्वारा समान खराब होने की शिकायत सामूहिक रूप से नगर पालिका अध्यक्ष से की

उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने बताया कि जिस दिन नगर पालिका में समान आया उसी दिन स्वक्षता दीदियों द्वारा समान खराब होने की शिकायत सामूहिक रूप से नगर पालिका अध्यक्ष को की गई थी और सीएमओ ने दूसरा सामान मंगवाना का वादा कर इन्हीं कर्मचारियों पर दबाव बनवाकर उनसे ही इसको काम में लाने के लिए कहकर इसका उपयोग करवाया गया । मार्केट में जो टैंकर 165000 में मिलता है उसे नगर पालिका अधिकारी द्वारा 450000 में और ई रिक्शा जो 128100 में मार्केट में मिलता है उसे 433000 में खरीद कर शासन को लाखों की चपत लगाई गई है ।शासन के भंडार नियम का वो केंद्र शासन के 15 वे वित्त के तहत आदेश का पालन नहीं किया गया। बतादे मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र वाडेकर पूर्व में कोंडागांव नगर पालिका में आर्थिक अनियमितता बरतने पर शासन द्वारा इनको सस्पेंड किया गया है इनके द्वारा हाईकोर्ट से स्टे लेकर फिर से आर्थिक अनियमितता बरतते हुए शासन को लाखों की चपत लगाई गई है।उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने 15 वे वित्त आयोग के टाइड ग्रांट मद से हुए सामग्री सप्लाई कार्य में हुए भ्रष्टाचार की जांच कर दोषी अधिकारियों से वसूली की कार्यवाही करने की मांग उप मुख्यमंत्री से किया है।

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