बालोद – स्कूली शिक्षा तथा किताबी ज्ञान के साथ साथ बच्चो के कौशल विकास आज बहुत आवश्यक है । वही आज ज्यादातर निजी स्कुले बच्चो को स्कूली शिक्षा के साथ साथ स्किल्ड डेवलपमेंट और कल्चरर कार्यक्रम पर विशेष ध्यान दे रहे है लेकिन यह सुविधा अब शासकीय स्कूलों में भी देखने को मिल रही है
कुछ ऐसा प्रयास लगातार देखने को मिलता है बालोद जिले के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम शासकीय स्कूल में जहां पर सप्ताह के 5 दिनो तक शिक्षा मंडल के विषयो पढ़ाई के अलावा शनिवार को बच्चो को किताबी ज्ञान से अलग बच्चो के रुचि के अभिव्यक्ति के अनुसार उनको तैयार किया जाता है मतलब जिन बच्चों को जो खेल या कला में रुचि है उनके अनुसार उनको प्रशिक्षित किया जाता है।
वही वर्तमान में नवरात्रि का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है तथा नवरात्रि पर गरबा का अपना अलग महत्व है जिसको ध्यान में रखकर साप्ताहिक अवकाश के पूर्व बालोद के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रबंधन ने स्कूली छात्रों के लिए गरबा नृत्य का आयोजन कराया जिसकी तैयारी के बाद शनिवार को स्कूल सभी बच्चो के साथ स्कूली शिक्षक भी गरबा नृत्य में बच्चों के साथ थिरकते दिखे वही बच्चो को नवरात्रि पर्व तथा इस नवरात्रि में गरबा के माध्यम से देश के अलग अलग राज्यो में कैसे माता की भक्ति की जाती इस पर भी जानकारी दिए।
वही प्राथमिक स्कूल के छोटे बच्चो से लेकर मिडिल और हाईस्कूल बच्चो ने भी आपसी तालमेल के साथ गरबा नृत्य में प्रतिभागी बने तथा इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी बच्चो को प्रोत्साहित किया गया। स्कूल प्रबंधन के इस प्रयास से बच्चो में भी एक अलग उत्साह देखा गया। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के प्राचार्य जार्ज तुली मैडम ने बताया कि स्वामी आत्मानंद स्कूल में बच्चों को स्कूली किताबी शिक्षा के साथ साथ नैतिकता सांस्कृतिक कौशल शिक्षा के अलावा स्पोर्ट्स पर विशेष ध्यान दिया जाता है तथा हमारे तीज त्योहारों पर बच्चो को उससे जुड़े जानकारी देने के लिए स्कूल में अलग अलग इवेंट भी किया जाता है जिससे बच्चे भी काफी उत्साहित नजर आते है ।
स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में नीलेश सार्वा,हेमलता वर्मा,हर्षा शर्मा,हेमलता चंद्राकर,नीलू वैद्य,शुभ्र गंधर्व,जायरीन खान,राकेश तिवारी,नीलमणि साहू,स्वप्निल सिन्हा,कुणाल,विम्मी वेसिंग,भावना जाजू,नीलम प्रसाद शशि,प्रीति जोशी,तबस्सुम,जागृति सवर और आकांक्षा सहित अन्य शिक्षक स्कूली बच्चे भी विशेष रूप शामिल रहे।