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*विश्व सम्मेलन में डॉ आलोक दीक्षित का व्याख्यान*


रायपुर । छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ आलोक दीक्षित गोवा में आयोजित एस्थेटिक्स डर्मेटोलॉजी सोसाइटी के सातवें विश्व सम्मेलन में व्याख्यान देकर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है
गोवा में हुए इस सम्मेलन में देश विदेश के प्रख्यात चर्म रोग विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया । इस तीन दिवसीय विश्व सम्मेलन में चेहरे पर होने वाले चर्म रोगों , व सौंदर्यीकरण से संबंधित तकनीक व प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा हुई । देश विदेश के नामी गिरामी त्वचा विशेषज्ञों ने अपने शोध प्रस्तुत किये ।
छत्तीसगढ़ के विख्यात त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ आलोक दीक्षित को भी इस सम्मेलन में व्याख्यान देने के लिये आमंत्रित किया गया । चेहरे पर होने वाले सफ़ेद दाग व काले धब्बों की वजह , और उनके उपचार पर डॉ आलोक ने अपनी प्रस्तुति दी । डॉ आलोक ने बताया की सफ़ेद दाग के इलाज में कई आधुनिक दवाये व उपकरण आ गये हैं – जिनसे इन दागों का इलाज अब बेहतर तरीक़े से हो सकता है । एक्ज़ाइमर लेज़र , पंच ग्राफ़्टिंग , मेलानोसाइट ट्रांसफ़र , परा बैगनी किरणों आदि के उपयोग से बहुत से सफ़ेद दाग ठीक हो सकते हैं ।काले धब्बों के लिए आधुनिक दवाईयो के अलावा क्यू स्विच एन डी याग लेज़र उपयोग में लाया जाता है ।
डॉ आलोक ने अपनी क्लिनिक में हुए ऐसे सफल इलाजों की प्रस्तुति भी दी ।
डॉ आलोक दीक्षित अपनी सफल चिकित्सा पद्धति के चलते छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों में भी बेहद ही लोकप्रिय है तो वहीं विदेशों से भी लोग इनसे सफेद दाग तथा चर्म रोग संबंधित परामर्श लेते हैं डॉक्टर आलोक दीक्षित ने लाखों लोगों के चेहरे से सफेद दाग तथा अन्य धब्बे हटाकर उन्हें एक नई जिंदगी दी है अपने चिकित्सीय क्षेत्र में महारत हासिल रखने वाले डॉक्टर आलोक दीक्षित अब मरीजों की सुविधाओं के लिए राजधानी में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं
*डॉ आलोक दीक्षित ने की अपील*

डॉ आलोक दीक्षित ने लोगों से अपील करते हुए कहां है कि सफेद दाग तथा चर्म रोग आसानी से दवाओं के माध्यम से ठीक किया जा सकता है आज भी कुछ लोग सफेद दाग को ला इलाज बीमारी मानते हुए बीमारी को छुपाते हैं जिसके चलते कभी-कभी स्थिति बिगड़ जाती है मेडिकल साइंस इतना आगे बढ़ चुका है कि अगर किसी भी तरह का सफेद दाग शरीर के किसी भी हिस्से में दिखे तो प्रारंभिक समय में ही दवाओं के माध्यम से बेहद ही आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है तथा लोग इसे घातक अथवा छुआछूत की बीमारी ना मानते हुए तत्काल चिकित्सक के पास जाए ताकि सही उपचार प्राप्त कर पीड़ित व्यक्ति सामान्य व्यक्ति की तरह अपना जीवन यापन कर सके

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