बालोद- छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय विभागों में पदस्थ संविदा कर्मचारियों का अनिश्चित कालीन आंदोलन पिछले दो दिनों से जारी है जिसमें प्रथम चरण में आंदोलन जिला स्तर पर 03 जुलाई से 07 जुलाई तक किया जा रहा है । जिसके बाद राज्य स्तर पर अनिश्चित कालीन आंदोलन किया जावेगा
संविदा कर्मचारियों ने अपने आंदोलन के पहले दिन बालोद जिला मुख्यालय नया बस स्टैंड में हनुमान चालीसा व हवन पाठ कर सरकार को जगाने का प्रयास किया वही दूसरे दिन मानव श्रृंखला का निर्माण किया और छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनाव के पहले जारी किया गया घोषणा पत्र का पुतला दहन किया गया।
वही इस दौरान आंदोलनकारियों द्वारा सरकार को सद्बुद्धि प्रदान करने तथा सरकार से अपने वादे पूर्ण करवाने के लिये प्रार्थना किया गया। मानव शृंखला के माध्यम से सभी आंदोलनकारियों ने दर्शाया की सभी संविदा कर्मचारी एकजुट एवं नियमतिकरण को पाने के लिए संकल्पित है।
आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों ने बताया कि वर्तमान सरकार द्वारा सरकार बनने से पूर्व 2018 के जनघोषणा पत्र में कांग्रेस पार्टी ने संविदा कर्मचारियों से नियमितिकरण का वादा किया था। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनने के साढ़े चार साल बाद भी नियमितिकरण तो दूर नियमित रूप से जो वेतन बढ़ाना था वह भी नहीं बढ़ाया गया। जिससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बदतर होती जा रही है ,जिसका परिणाम पूरे परिवार को भुगतना पड़ रहा है, संविदा कर्मचारियों को परिवार मूलभूत सुविधाओं के लिये भी संघर्ष करना पड़ रहा है। जिसके चलते आज राज्य के 54 विभागों में कार्यरत 45000 हजार संविदा कर्मचारियों ने सरकार को अपनी नियमितिकरण के वादे अनुपूरक बजट में शामिल कर अपने वादे पूरा करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, उक्त हड़ताल में बालोद जिले के संविदा कर्मचारियों द्वारा धरना स्थल नया बस स्टैंड बालोद में हड़ताल किया जा रहा है।
आपको बतादे प्रदेश के साथ साथ जिले के सभी विभाग के समस्त संविदा कर्मी आंदोलन के लिए लामबंद हो चुके है। और जिले के संविदा कर्मचारियों के हड़ताल के कारण मूलभूत कार्य, स्वास्थ्य सुविधा और पंचायत स्तर के निर्माण कार्य के साथ साथ अन्य आवश्यक सेवाएं और सरकार द्वारा चलाये जा रहे अन्य गतिविधियां भी ठप्प पड़ने लगा है । बहरहाल देखना होगा इस आंदोलन का सरकार पर कब तक और कितना प्रभाव पड़ता है । क्योंकि चुनावी वर्ष में सरकार का अंतिम पूरक बजट सत्र भी इसी माह होना तय है और संविदा कर्मचारियों का भी मानना है कि यह लड़ाई उनके लिए आरपार की लड़ाई है जिसके चलते वे भी अपने आंदोलन में डटे हुए है । संविदा व अनियमित कर्मचारियों द्वारा जारी इस आंदोलन में स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, महिला एवम बाल विकास विभाग,प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, क्रेडा, श्रम विभाग , आई. टी. आई., कृषि विभाग, कौशल उन्नयन, एवं जिले के समस्त योजना के लगभग 550 संविदा कर्मचारी आंदोलनरत है ।