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बालासोर ट्रेन दुर्घटना: रेस्क्यू का काम पूरा, PM मोदी बालासोर पहुंचे, जाने दुर्घटना की अब तक बड़ी बातें

 


ओडिशा के बालासोर में हुए दो पैसेंजर ट्रेनों और एक मालगाड़ी के बीच भीषण टक्कर के बाद 261 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. वहीं लगभग 900 लोग घायल हुए हैं. अधिकारियों ने कहा कि हाल के वर्षों में देश की ये सबसे बड़ी रेल दुर्घटना है. हादसे के बाद इस रूट की करीब 100 ट्रेनों के परिचालन पर भी असर पड़ा है. 48 ट्रेनें कैंसिल की गई हैं, जबकि 39 रेल गाड़ियों के रूट बदले गए हैं.

हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा के बालासोर पहुंच गए हैं, जहां पर पीएम मोदी घटनास्थल का जायजा।लेकर अधिकारियो से चर्चा का आवश्यक निर्देश दिए वही पीएम मोदी यहाँ से कटक जाएंगे और अस्पताल में घायलों से मुलाकात करेंगे

ट्रैन हादसे के बाद आज सुबह से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित तमाम मंत्री नेताओ का यहां पहुंचने का सिलसिला जारी रहा

वही मामले पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी स्थिति का जायजा लेने और अस्पतालों में घायलों से मिलने के लिए ओडिशा का दौरा किया है. इससे पहले ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी सुबह बालासोर पहुंचे और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ स्थिति की समीक्षा की.

 

भीषण टक्कर के करीब 18 घंटे बाद आज दोपहर रेलवे के प्रवक्ता अमिताभ शर्मा ने बताया कि इस ट्रेन हादसे के बाद बचाव अभियान का काम पूरा कर लिया गया है. साथ ही मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है.

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि टक्कर शुक्रवार शाम करीब सात बजे हुई, जब बेंगलुरु से हावड़ा जा रही हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस पटरी से उतर गई और कोलकाता से चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस में फंस गई.

दुर्घटना के बाद एक ट्रेन दूसरी ट्रेन से इतनी जोर से टकराई कि डिब्बे हवा में ऊंचे उठ गए, मुड़ गए और फिर पटरी से उतर गए. जिसमें कुचलकर कई लोगों की मौत हो गई. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दो ट्रेनों में 3,400 से अधिक यात्री सफर कर रहे थे.

 

 

रेल मंत्रालय ने दुर्घटना कैसे हुई, इसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. मंत्रालय ने मरने वालों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 2 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की है. पीएम मोदी ने पीएम के राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिवार के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये के मुआवजे की भी घोषणा की है.

दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर डिवीजन में हावड़ा-चेन्नई मेन लाइन पर हुए हादसे के कारण 48 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है और 39 को डायवर्ट किया गया है. वहीं 10 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है.

 

भारत में दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है और पिछले कुछ वर्षों में ऐसी कई आपदाएं देखी हैं. बिहार में 1981 में एक ट्रेन पुल पार करते समय पटरी से उतर गई और नीचे नदी में गिर गई, जिसमें 800 से 1,000 लोगों की मौत हुई थी.

ओडिशा ट्रेन दुर्घटना तीसरी सबसे बड़ी दुर्घटना है. 1995 में आगरा के पास फिरोजाबाद में दो एक्सप्रेस ट्रेनों की टक्कर हुई थी, जिसमें 300 से अधिक लोग मारे गए थे.

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