बालोद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन कि बात के 101वीं एपिसोड का प्रसारण हुआ, मन को बात के इस कड़ी में पीएम मोदी ने जल सरंक्षण पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए कहा हम सबने एक कहावत कई बार सुनी होगी, बार-बार सुनी होगी – बिन पानी सब सून। बिना पानी जीवन पर संकट तो रहता ही है, व्यक्ति और देश का विकास भी ठप्प पड़ जाता है। भविष्य की इसी चुनौती को देखते हुए आज देश के हर जिले में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा रहा है। हमारे अमृत सरोवर, इसलिए विशेष हैं, क्योंकि, ये आजादी के अमृत काल में बन रहे हैं और इसमें लोगों का अमृत प्रयास लगा है। आपको जानकर अच्छा लगेगा कि अब तक 50 हजार से ज्यादा अमृत सरोवरों का निर्माण भी हो चुका है। ये जल संरक्षण की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
पीएम मोदी ने कहा साथियों हम हर गर्मी में इसी तरह, पानी से जुड़ी चुनौतियों के बारे में बात करते रहते हैं। इस बार भी हम इस विषय को लेंगे, लेकिन इस बार चर्चा करेंगे जल संरक्षण से जुड़े Start-Ups की। एक Start-Up है –FluxGen।ये Start-Up IOT enabled तकनीक के जरिए water management के विकल्प देता है। ये technology पानी के इस्तेमाल के patterns बताएगा और पानी के प्रभावी इस्तेमाल में मदद करेगा। एक और startupहैLivNSense। ये artificial intelligence और machine learning पर आधारित platform है। इसकी मदद से water distribution की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी। इससे ये भी पता चल सकेगा कि कहाँ कितना पानी बर्बाद हो रहा है। एक और Start-Up है ‘कुंभी कागज (KumbhiKagaz)’। ये कुंभी कागज (KumbhiKagaz) एक ऐसा विषय है, मुझे पक्का विश्वास है, आपको भी बहुत पसंद आएगा। ‘कुंभी कागज’ (KumbhiKagaz) Start-Up उसने एक विशेष काम शुरू किया है। वे जलकुंभी से कागज बनाने का काम कर रहे हैं, यानी, जो जलकुंभी, कभी, जलस्त्रोतों के लिए एक समस्या समझी जाती थी, उसी से अब कागज बनने लगा है।
पीएम ने कहा कई युवा अगर innovation और technology के जरिए काम कर रहे हैं, तो कई युवा ऐसे भी हैं जो समाज को जागरूक करने के mission में भी लगे हुए हैं

पीएम मोदी ने इस दौरान बालोद जिले के ग्रीन कमांडो के नाम से मशहूर वीरेंद्र सिंह एवं टीम द्वारा जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे काम का जिक्र करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के युवाओं ने पानी बचाने के लिए एक अभियान शुरू किया है। घर-घर जाकर लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरुक करते हैं। कहीं शादी ब्याह जैसा कोई आयोजन होता है, तो युवाओं का यह ग्रुप वहां जाकर पानी का दुरुपयोग कैसे रोका जा सकता है..? इसकी जानकारी देता है। पीएम मोदी के द्वारा जल संरक्षण को लेकर किये जा रहे ऐसे सार्थक प्रयास को लेकर मन की बात में जिक्र से ग्रीन कमांडो एवं उनकी टीम में नया ऊर्जा के संचार भरा है।
ऐसे चलाता है अभियान
शादी ब्याह में दिया जल संरक्षण का संदेश-
दरअसल मन की बात में जिस शादी ब्याह में जल से संरक्षण को लेकर लोगो को जागरूक करने का जिक्र पीएम मोदी ने किया है, वह दल्लीराजहरा शहर के वार्ड 17 की बात है। दूल्हा वर संजय कुमार पिता कुंवर सिंह विश्वकर्मा एवं दुल्हन खिलेश्वरी पिता भानेश्वर विश्वकर्मा ने अपने शादी में दोनो पक्षों के अलावा आसपास के लोगो को जल संरक्षण का संदेश देते हुए प्रेरित किया था कि अपने आस पास के नल से जल बहने नही देगें। ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह ने इस शादी कार्यक्रम में शामिल होकर सभी से जल बचाने के लिए निवेदन किया था।
कई वर्षों से जल संरक्षण और पर्यावरण को लेकर लोगों को करते आ रहे जागरूक-
जिले के लौह नगरी के नाम से मशहूर दल्लीराजहरा के रहने वाले ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह कई वर्षों से जल एवं पर्यावरण के संरक्षण को लेकर नित नए नए प्रयास व पहल करते हुए लोगों को जागरूक करते आ रहे हैं। कभी स्कुलो में जाकर जल के संरक्षण के लिए बच्चों को घर घर जल बचाने का संदेश देते है तो कभी शादी कार्यक्रमो में जाकर दूल्हा-दुल्हन को आठवां वचन जल संरक्षण को लेकर देते नजर आते है। तो कभी मछली का वेश धारण कर बिन पानी के मछली तड़पती है, वैसा जागरूकता का सन्देश लोगों को देते हैं।
स्कूल में बच्चो को किया जागरूक-
अभी कुछ दिनों पहले ही ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह एवं टीम ने शासकीय प्राथमिक स्कूल लिम्हाटोला में बच्चों को स्कूल से आते जाते घर घर जा कर लोगों से निवेदन करते हुए नज़र आये थे, नल से जल बहने नही देना और आस पास के लोगों को भी प्रेरित करना के सन्देश दिया था। वीरेंद्र सिंह ने बच्चो को बताया था की आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण कितना जरुरी है। आपके घर सब कुछ है पर जल ना होगा तो भोजन नहीं बनेगा। इसी तरह खेल खेल में ड्रेस में जल संरक्षण का पेंटिंग्स कर बच्चो के बीच गोल गोल रानी इत्ता इत्ता पानी का संदेश देते हुए जल को व्यर्थ नही बहने जागरूक किया था।
मूर्छित अवस्था में कोयली पक्षी को पिलाया पानी-
कुछ माह पहले डौंडी कॉलेज के सामने किसी गाड़ी से टकराकर कोयली पक्षी घायल अवस्था में ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह को मिली। तेज रफ्तार गाड़ियों की आवाजाही के बीच वीरेंद्र सिंह ने पक्षी को देख कर उसे पानी पिलाया। छाया में रखकर आराम करने को दिया। फिर थोड़ी देर बाद वह उड़ गया।
पक्षियों के लिए पेड़ में घोंसला और मिट्टी के सकोरे में पानी और दाना का किया इंतजाम-
बढ़ते गर्मी में पक्षियों के लिए ग्रीन कमांडो वीरेंद्र सिंह और टीम ने पेड़ो में घोंसला और मिट्टी के सकोरे में पानी, दाना का इंतजाम कर भीषण गर्मी में पक्षियों को राहत दिलाने का काम किया। और लोगों को भी संदेश दिया कि, वे भी अपने घर और आसपास मिट्टी के सकोरे में पानी और दाना रख गर्मी से पक्षियों को राहत प्रदान करे। इतना ही नही वीरेंद्र सिंह ने जंगलों में भी पशु, पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था की। बढते गर्मी के कारण पशु, पक्षियों के लिए जंगलों में गढ्ढा खोदकर पालीथीन बिछाकर उसमें पानी डाला है।
गिरता जल स्तर चिंता का विषय–
वीरेंद्र सिंह बताते है कि जल संरक्षण के लिए हम सबको मिलकर काम करना होगा। दिन प्रतिदिन गिरते जल का स्तर चिंता का विषय है। दिन प्रतिदिन गिरते जल स्तर का प्रमुख कारण वर्षा जल को धरती तक नही पहुंचाना है। वीरेंद्र सिंह कहते है कि हमे बोरिंग के पास जल सोखता, घरों मे रैन वॉटर हार्वेस्टिंग, छत के पानी को कुओं के माध्यम से धरती तक पहुचाया जा सकता है, इसके अलावा तालाबो की गहरीकरण कर सफाई करना जल संरक्षण के लिए बेहतर कारगार साबित हो सकता हैं।