इस योजना के फलस्वरूप इन गांवों में पर्याप्त मात्रा में पेयजल एवं निस्तारी हेतु ग्रामीणों की बहुप्रतिक्षित मांगे पूरी है। उनके प्रमुख समस्या का निराकरण होने से ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है। उन्होंने समूह नल जल योजना के माध्यम से उनके प्रमुख समस्याओं का निराकरण के लिए संजीवनी प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं राज्य शासन को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है। उल्लेखनीय है कि इन ग्रामों में समूह जल योजना प्रदान करने हेतु खुरसूनी में 02 एम.एल.डी. की क्षमता के अनकंवेंशनल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा 400 के.एल. क्षमता एवं 27 मीटर स्टेजिंग का एम.बी.आर. निर्मित है। इसके अलावा देवरी द में उच्च स्तरीय जलागार की क्षमता वाले 125 के. एल. 15 मीटर स्टेजिंग, देवसरा में 60 के.एल. 15 मीटर स्टेजिंग, चिरचार में 100 के.एल. 15 मीटर स्टेजिंग, बम्हनी में 70 के.एल. 15 मीटर स्टेजिंग, खुरसुनी में 150 के.एल. 15 मीटर स्टेजिंग, गोडेला में 90 के.एल. 15 मीटर स्टेजिंग एवं मोहंदीपाट में 18 मीटर गहरी, 190 के.एल. 12 मीटर कार्य, 06 मीटर स्टेजिंग तथा इंटेकवेल व्यास के साथ निर्मित की गई है। इस योजना से 2207 परिवार के 8956 लोगों को प्रतिदिन शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। योजना अंतर्गत खरखरा नदी पर स्थित बुची भरदा एनीकट के पानी को जल शुद्धीकरण संयंत्र के माध्यम से शुद्ध कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। देवरी द निवासी हितग्राही श्रीमती सुमित्रा साहू ने बताया कि पानी टंकी के स्थापित होने से अब ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से मुक्ति मिली हैै, उन्हें अब पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति हो रही है।
उन्होंने बताया कि पहले वे कोसों दूर कुआं हैंडपंप या नदी से पानी लाया करते थे, नहाने व जानवर को नहलाने के लिए तालाब डबरी आदि का उपयोग किया करते थे। बारिश के दिनों में हैंडपंप से मटमैला पानी व ग्रीष्म काल में भूजल स्तर कम होने से वृहद जल समस्या का सामना करना पड़ता था लेकिन अब स्वयं के आंगन में पर्याप्त जल मिलने से समय की बचत भी हो रही है।