बालोद-जन मुक्ति मोर्चा छतीसगढ़ के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा बी.ई.एम.एल. के ठेका श्रमिकों की मजदूरी मे भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन के अधिकारियों की मिलीभगत से किये जा रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही कर उच्च स्तरीय जांच व समस्या के समाधन करने, भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा विवाद उत्पन्न करने के लिए प्रबंधन द्वारा घोषित ट्रेड यूनियन की भूमिका के बारे में श्रमिको ने सांसद मोहन मंडावी से मिलकर शिकायत किया है।जिस पर सांसद मोहन मंडावी ने प्रबन्धन के अनैतिक कार्यो को लेकर फटकार लागते हुए श्रम उपायुक्त रायपुर के आदेश 2019 को अभी तक क्रियांवित नही करने पर नाराजगी जाहिर किया और विगत 4 माह से भूख हड़ताल कर आंदोलन पर किसी प्रकार की पहल नही करने पर स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता का आरोप भी लगाया। सांसद मोहन मण्डावी ने दल्ली राजहरा माइंस में व्याप्त मजदूरों के शोषण व भ्रष्टाचार के विषय मे उप श्रमायुक्त रायपुर आर.के.पुरोहित को मोबाईल में आदेशित किये कि शीघ्र ही भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन को बोलकर बी.ई.एम.एल.के ठेका श्रमिको को समस्याओ का निदान करने को कहा।
सांसद मोहन मण्डावी जी के इस सार्थक पहल से राजहरा के बी.ई.एम.एल. के ठेका श्रमिकों व अन्य ठेका श्रमिको को उम्मीद और खुशी जाहिर किये है व ठेका श्रमिकों द्वारा कहा गया है कि समय समय पर सांसद द्वारा इस प्रकार से ध्यान देने पर नियमित कर्मचारियों व ठेका श्रमिको के शोषण मे कमी आएगी।सांसद मोहन मण्डावी व प्रतिनिधि मंडल के बैठक के लिए स्थानीय सांसद प्रतिनिधि राजेश दसोड़े का विशेष योगदान रहा व बैठक में उपस्थित रहे। प्रतिनिधि मंडल में जीत गुहा नियोगी (अध्यक्ष, जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़), बसन्त रावटे (सचिव जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़), संजय सिंग (बी.ई.एम.एल. प्रतिनिधि), किसन रावटे (जन मुक्ति मोर्चा सदस्य), भोला प्रजापति (जन मुक्ति मोर्चा सदस्य) उपस्थित थे।