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आरटीओ विभाग की अनदेखी का फायदा उठा रहे निजी बस संचालक..कई रूटो में बस सेवा बंद..ज्यादा कमाई के लिए परमिट वाले रूट छोड़ निजी बुकिंग पर दौड़ रही बसे..स्टैंड से खटारा बस भी गायब

बालोद- शादी के चलते पूरे क्षेत्र में यात्री वाहनों की कमी हो गई है। जिन मार्गों पर रोज दर्जनों वाहन चलते थे। लेकिन अब इन मार्गो में बसों की सँख्या कम हो गई हैं। जिसके कारण यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में शादियां होने के कारण यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इस मौके का वाहन संचालक भरपूर फायदा उठा रहे है।शहर एवं ग्रामीण अंचल में शादी-ब्याह का सीजन शुरु है। प्रतिदिन हर गांव से दो से तीन बारात निकल रही है। ज्यादातर बारात में बस व चार पहिया वाहनों का प्रयोग हो रहा है। दरअसल शादी सीजन होने की वजह से राजनांदगांव व धमतरी रूट में चलने वाली अधिकतर बसों की बुकिंग हो चुकी है।वही
बसो में क्षमता से अधिक सवारी भरने के बाद भी आरटीओ विभाग द्वारा बस संचालको के खिलाफ कोई कार्यवाही नही करना सन्देह को जन्म देता हैं । वही कई ऐसे बस जो  सामान्य सीजन में बस स्टैंड में अन्यत्र खड़े रहते थे जिनका फिटनेस भी खत्म हो।चुका है ऐसे बस आज सड़को पर फर्राटा भर रहे है।

शहरी व ग्रामीण अंचलों में चल रही शादियां

शहरी तथा ग्रामीण अंचलों में इन दिनों शादियों का भी जोर काफी बना हुआ है। परिणाम स्वरूप लोगों का आना-जाना भी स्वाभाविक रूप से बढ़ गया है। यात्री बसों में इन दिनों यात्रियों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। लोग जहां घंटों बसों के इंतजार में बस स्टैंड सहित चौक चौराहों पर देखे जा सकते हैं वहीं इन दिनों यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए बस संचालक द्वारा यात्रियों को बसों में भेड़ बकरियों की तरह ठूस ठूस कर भर रहे है।

नहीं हो रही कार्रवाई

यात्री बसों क्षमता से अधिक सवारियां ढोने के मामले में कार्रवाई करने का जिम्मा आरटीओ विभाग का है लेकिन विभाग अक्सर इन मामलों में कार्रवाई करने से परहेज करता है। यही कारण है कि बस चालक मनमर्जी से बसों का परिचालन करते हैं। जब कभी कोई बड़ा हादसा होता है तो विभाग जिम्मेदारी से बचने के लिए सारा दोष बस चालकों के सिर थोप देता है लेकिन अपने स्तर पर कार्रवाई करने की जरूरत कभी नहीं उठाई जाती है।

बालोद बस स्टैंड में यात्रियों की भारी भीड़

बुधवार को बालोद से चलने वाले दुर्ग,राजनांदगांव,धमतरी,कांकेर ,दल्लीराजहरा, भानुप्रतापपुर, अर्जुन्दा सहित अन्य रूट की सभी बसों में भारी भीड़ देखने को मिली। कई बार बस में जगह न मिलने पर महिलाएं व वृद्घों को खड़े होकर दूसरी बस का इंतजार करना पड़ रहा है। बसों व अन्य यात्री वाहनों में बुधवार को काफी भीड़ रही। नया बस स्टैण्ड में बस आने के पहले ही लोगों की भीड़ लग गई थी और ये सिलसिला देर शाम तक देखने को मिला।

सप्ताहभर से भीड़

शहर से होकर ग्रामीण रुट पर चलने वाली बसें हफ्ते भर व्यस्त चल रही हैं। कई बार तो मिनी बस में पैर रखने के लिए भी जगह नहीं होती। सभी रुट के बसों का हाल एक जैसा है। यात्रियों को मजबूरन धक्का-मुक्की खाते हुए इस शादी के सीजन में सफर करना पड़ रहा है।


संचालको द्वारा क्षमता से अधिक लोगो को भरे जा रहे हैं बसो में

शादी सीजन का फायदा उठाते हुए बस संचालको द्वारा बसो में लोगो को ठूस ठूस कर भेड़ बकरियो की तरह भरे जा रहे हैं ।बसो में क्षमता से अधिक लोगो को भरे जा रहे हैं लोग मजबूरी में बस का यात्रा कर अपने गन्तव्य की ओर जा रहे हैं । बसो में इतनी भीड़ चल रही हैं की किश्मत वालो को ही सीट मिल रही हैं ।जिला मुख्यालय के बस स्टेण्ड में सैकड़ो की सख्या मे लोगो की भीड़ हैं जो बस का इंतजार कर रहे हैं ।जैसे ही बस स्टेण्ड में बसे लगती ही लोगो की भारी भीड़ उमड़ जाती हैं ।इस दौरान कई लोग सीट पाने के लिए बसो के खिडखियो से रुमाल व् टॉवेल फेककर अपनी सीट सुरक्षित कर अपने आप को किश्मत वाले समझ रहे हैं ।बसो में क्षमता से अधिक सवारी भरने के बाद भी आरटीओ विभाग द्वारा बस संचालको के खिलाफ कोई कार्यवाही नही करना सन्देह को जन्म देता हैं ।

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