● तो लगेगा 25 हजार का जुर्माना ●
इसके अनुसार यदि कोई निजी व्यक्ति मीडियाकर्मी को डराता है, प्रताड़ित करता है अथवा उसके साथ हिंसा करता है, तो इसके लिए छत्तीसगढ़ मीडिया स्वतंत्रता, संरक्षण एवं संवर्धन समिति होगी, जो कि प्रकरण की छानबीन करेगी। आरोप साबित होने पर ऐसे व्यक्तियों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
● मीडियाकर्मियों का होगा पंजीयन ●
यदि कोई लोकसेवक जानबूझकर नियमों की अवहेलना करता है, तो उसे दंडित किया जाएगा। इसी तरह मीडियाकर्मी के रूप में पंजीयन के लिए पात्र व्यक्ति के पंजीकरण में कोई व्यवधान उत्पन्न करता है, तो उसे भी 25 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। जुर्माने की राशि भू-राजस्व की तरह वसूली योग्य होगी। मीडियाकर्मियों का पंजीयन किया जाएगा।
● ये कहलाएंगे मीडियाकर्मी ●
संपादक, लेखक, समाचार संपादक, रूपक लेखक, प्रतिलिपि संपादक, संवाददाता, व्यंग्य चित्रकार, फोटोग्राफर, वीडियो पत्रकार, अनुवादक, शिक्षु व प्रशिक्षु पत्रकार, समाचार संकलनकर्ता या जो स्वतंत्र पत्रकार के रूप में अधिमान्यता के लिए पात्र हों, ये सभी मीडियाकर्मी कहलाएंगे।
● धन्यवाद ज्ञापित करने वालो में ये रहे प्रमुख ●
मीडिया कर्मियों के प्रति सहृदयता रखने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सुरक्षा कानून के लिए धन्यवाद ज्ञापित करने वालो में प्रमुख रूप से जिला प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष स्वाधीन जैन, किशोर साहू, सचिव नितेश वर्मा, सहसचिव विकास साहू, चिमन पटेल, कोषाध्यक्ष सुप्रीत शर्मा, संरक्षकगण मोहनदास मानिकपुरी, श्रीमती मंजू शर्मा, रवि भूतड़ा, ओमप्रकाश टुवानी, अफजल रिजवी, बलराम गुप्ता, मीडिया प्रभारी नरेश श्रीवास्तव, सलाहकार संजय दुबे, कानूनी सलाहकार अधिवक्ता भेष साहू, अरुण उपाध्याय, परस साहू, फुरकान खान, आरके देवांगन, राजेश सोनी, दीपक यादव, करण सोनी, राजू साहू, शंकर साहू, जगन्नाथ साहू, दीपक देवदास आदि है।