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भाईचारे और कौमी एकता का प्रतीक है गुंडरदेही का चण्डी मंदिर… वर्षो से एक साथ होती है पूजा अर्चना… मंदिर को लेकर भ्रम फैलाने वालों पर होगी कार्यवाही

बालोद-बालोद जिले के गुंडरदेही नगर के बाजार चौक में स्थित चंडी मंदिर जो भाईचारे और कौमी एकता का प्रतीक बना हुआ है इस मंदिर में माता की मूर्ति के साथ साथ मुस्लिम धर्म सय्यद बाबा का चादर भी लगा हुआ है। जिसको लेकर के यहां के लोगों में भाईचारा और एकता स्पष्ट नजर आता है बताया जाता है कि गुंडरदेही नगर के राम सागर तालाब से निकली हुई माता चंडी की मूर्ति के साथ-साथ सैयद बाबा का यह चादर भी मिला था ।100 वर्षों से अधिक पहले जब यह मिला तब से यह यहां स्थापित है यहां के राजा स्वर्गीय निहाल सिंह के पूर्वज इसे स्थापित किए थे और तब से यहां लोग माता की पूजा भी करते हैं और इस चादर पर शीश नवाते हैं। जहां कुछ असामाजिक तत्वों ने इस मुस्लिम धर्म के इस चादर को लेकर गलत तरीके से सोशल मीडिया में गलत जानकारी ट्रोल कर दी जिसके बाद में यहां के लोगों में काफी आक्रोश भी है ।लोगों का कहना है कि कई सालों से जब से वह यहां रह रहे हैं उनके पूर्वजों से पहले भी यह माता का मंदिर स्थापित है जो राजा निहाल सिंह के पूर्वजों ने यहां स्थापित किया था साथ ही बाबा सैयद का चादर लगा हुआ है जिसको लेकर यहां काफी भाईचारा है बताया जाता है कि यह लोग अगरबत्ती भी जलाते हैं और लोबान भी साथ ही साथ अगर कोई हिंदू धर्म का कार्यक्रम हो तो मुस्लिम समाज के यहां बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते है और मुस्लिम समाज का कार्यक्रम हो तो हिंदू धर्म के लोग यहां बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं अमन शांति का प्रतीक बना हुआ चंडी का मंदिर निश्चित तौर पर बेहद खास है ।

जिसने भी ट्वीटर में डाला हैं उसको आईटी सेल के माध्यम से पकड़ा जाए और मुकदमा कायम किया जाए-राजेन्द्र राय

पूर्व विधायक राजेन्द्र राय ने कहा कि निश्चित ही जिसने भी ट्यूटर में किया है।वो जनभावना में अपना विचार के साथ उन्होंने अपना भावना व्यक्त किया है।उनका व्यक्तिगत विचार हो सकता हैं।लेकिन जनभावना से कोई मतलब नही हैं।चंडी मन्दिर जब से स्थापित हैं।चंडी मन्दिर करीब 200 से 300 साल पुराना हो सकता हैं।चुकी यह मंदिर आस्था का केंद्र हैं।उस समय जो भी परिस्थिति रही होगी चाहे निहाल सिह ,मोतीलाल या थानसिंह के समय में उस परिस्थिति के हिसाब से जनता के हिसाब से राज चलाना था।उनका गुंडरदेही के एक गांव की जमीदारी थी ।उसको देखते हुए कौमी एकता के हिसाब से हिन्दू मुस्लिम को एक करने के हिसाब से स्थापित कर दिया होगा।श्री राय ने कहा कि ये श्रध्दा का केंद्र हैं।इसमें अभी तक मेरे हिसाब से मुझे जानते हुए मेरे को 65 साल हो गए है।अभी तक हिन्दू ,मुस्लिम या अन्य जाति के तरफ से दूराभाष की बात नही हुआ है।इस श्रध्दा केंद्र को अगर ऐसा कुछ है।जिसने भी ट्वीटर में डाला हैं उसको आईटी सेल के माध्यम से पकड़ा जाए और मुकदमा कायम किया जाए।उन्होंने कहा कि पूरा प्रदेश और पूरा देश मे माहौल खराब कर रहे है।हिन्दू मुस्लिम यहाँ के निवासी है।झंडा नही लगाया हैं ये सेहरा हैं।प्रशासन लेबल में बैठक होना चाहिए जिसने भी किया है माहौल बिगाड़ने का काम किया है।


हमारे राजा साहब सभी धर्मों और हिन्दू मुसलमान एकता को साथ मे लेकर काम करते थे

गुंडरदेही निवासी मोहम्मद आरिफ खान ने कहा कि जो ये ट्वीटर में सब चल रहा हैं।अभी तक 30 से 40 साल से देख रहे है।कोई भी ऐसी बात नही आई हैं और गांव का माहौल बहुत अच्छा चल रहा हैं।कुछ लोग बदमाश तत्व के होंगे उन लोगो ने ऐसा किया होगा।श्री खान ने कहा कि जमीनी लेबल में गुंडरदेही में कभी आपसी में माहौल नही बिगड़ा हैं।और उम्मीद करते हैं न आगे बिगड़ने वाला हैं।क्यो की यहाँ झंडा की बात कर रहे है।तो हमारे राजा निहाल सिह या अजय पाल मुसलमान को श्रद्धा से मानते थे तो एक रुमाल  टाइप में कपड़ा या सेहरा को श्रद्धा में रखे होंगे।मंदिर का देख रेख सभी लोग करते थे।आज तक इस पर कोई मुसलमान दावा नही किया हैं। बाहर का भी मुसलमान झंडा लगा नही बोला हैं की हमारा कोई देवी देवता है।जिसने भी किया हैं एक दूसरे को लड़ाने का लिए किया है।उन्होंने कहा कि गुंडरदेही में कोई ऐसी बात नही हैं।हमारे राजा साहब सभी धर्मों और हिन्दू मुसलमान एकता को साथ मे लेकर काम करते थे।जिसने भी ये हरकत किया है उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही होना चाहिए।

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