दरअसल, पंडित धीरेंद्र शास्त्री अभी रायपुर में हैं। वे यहां रामकथा करने पहुंचे हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए दावा किया था, कि छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के मामले बढ़े हैं। उन्होंने बस्तर का जिक्र किया था और कहा था कि वहां के सनातन हिंदुओं को दूसरे धर्म में जाने देने से रोकना होगा। इसके बाद बस्तर के नेता और राज्य सरकार में आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने उन्हें बस्तर चलने और इसे साबित करने कहा। लखमा ने तो यहां तक कह दिया कि बाबा को कैसे पता चला, क्या उन्हें सपना आया था।
नारायणपुर से भड़की थी धर्मांतरण की आग
नारायणपुर में 2 जनवरी को ईसाई धर्म मानने वाले लोगों के घरों पर हमला हुआ था। इस इलाके के सबसे बड़े रोमन कैथोलिक चर्च पर हमला हुआ। ये हमला बस्तर के सैकड़ों गांवों में चल रहे उस वर्ग विभाजन के बिगड़ते माहौल का संकेत है जहां ईसाई धर्म मानने वाले आदिवासी और मूल धर्म के आदिवासियों के बीच दुश्मनी गहरा रही है।
*नागपुर के बाद पंडित धीरेंद्र शास्त्री को छत्तीसगढ़ के मंत्री का चैलेंज…कहा साबित कर दे राजनीति छोड़ दूंगा*
रायपुर, बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को धर्मांतरण संबंधी उनके एक बयान पर छत्तीसगढ़ के मंत्री ने चैलेंज दिया है। आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में धर्मांतरण के मामले नहीं बढ़े हैं। अगर पंडित धीरेंद्र शास्त्री इसे साबित कर दें तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा और अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो उन्हें पंडिताई छोड़नी होगी।