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प्रदेश रूचि

*सेंसेक्स से भी तेज उछला करेला का दाम…सुबह 80 तो शाम तक दाम हुआ दुगुना..आज करु भात खाकर महिलाएं रहेगी उपवास…क्या है करु भात की मान्यता*

बालोद-तीज पर्व में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना कर सुहाग की सलामती की कामना के साथ महिलाएं व्रत रखती हैं। इस पर्व में निर्जला व्रत रखने के एक दिन पूर्व करू भात की रस्म अदा की जाती है। इसके बाद उपवास शुरू होता है। पर्व के चलते सोमवार को बालोद के बाजार में करेला की मांग बढ़ गई। सोमवार की सुबह बालोद के बाजार में करेला 160 रूपये किलो के भाव से बिक रहा हैं।

आज की रात करूभात खाकर महिलाए रखेगी उपवास

भद्रपद शुक्ल पक्ष तीज को मनाया जाने वाला पर्व तीजा मंगलवार से शुरू होगा। सुहागिन महिलाएं आज की रात को करू भात खाकर मंगलवार को तीजा उपवास रखेंगी। पति की दीर्घायु एवं परिवार के सुख समृद्घि के लिए यह उपवास मायके मे रखा जाता है। तीज पर्व को लेकर बाजार में रौनक देखने को नही मिल रही,तीजा एक ऐसा पर्व है, जिसे सुहागिन महिलाएं अपने मायके में मनाए जाने को लेकर उत्साहित रहती हैं। जिलेभर में तिजहारिन महिलाओं द्वारा त्योहार को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई महिलाएं तीजा त्योहार को मनाने के लिए अपने मायके आ चुकी हैं। इस पर्व मे महिलाएं सुबह से ही निर्जला व्रत रखेंगी उसके बाद शाम को समय एक स्थान पर एकत्र होकर परिवार की अन्य महिलाओं के साथ शिव-पार्वती की पूजा अर्चना करेंगी।

सोलह श्रृंगार व मायके की साड़ी

ऐसी मान्यता है कि तीजा पर्व में महिलाएं सोलह श्रृंगार करके मायके की साड़ी पहनकर अपने पति की पूजा-अर्चना करती है। पूरे सोलह श्रृंगार में बन संवरकर महिलाओं द्वारा शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। मायके पक्ष के लोगों द्वारा तीज त्योहार में अपनी बेटी बहनों की पूछपरख की जाती है। बेटियों को पूरे सम्मान के साथ घर लाया जाता है। तीजा के पूर्व उन्हें करू भात खिलाने की भी परंपरा हैं। इसके पीछे यह मान्यता है कि कड़वे और मीठे का अनुभव सहते हुए बेटी अपने ससुराल में सुखी जीवन व्यतीत करे।

तीज को लेकर करेला चढ़ा आसमान,160 रुपये किलो बिका

तीज पर्व को लेकर बाजार गुलजार हो गया है। जहां एक ओर महिलाओं का मायके आने-जाने का सिलसिला चल रहा है। वहीं पर्व के चलते मार्केट में खरीदी-बिक्री के लिए भीड़ लगने लगी है। मान्यता के अनुसार निर्जला व्रत रखने के एक दिन पहले महिलाएं करू भात खाती और खिलाती हैं। करू के तौर पर करेले की सब्जी जरूरी होती है। इसके चलते सोमवार की सुबह से ही बाजार में करेले की मांग बढ़ गई है। रविवार को दिन में 100 रुपए किलो तो शाम होते तक 120 रूपये और सोमवार की सुबह 160 प्रति किलो तक बढ़ गए। सब्जी विक्रेताओ ने बताया कि पर्व विशेष में सब्जियों के दाम में वृद्धि हो जाती है। कुछ दिनों तक करेला का भाव 30 से 40 रूपये किलो के बीच चल रहा था, लेकिन तीजा पर्व के चलते रेट बढ़ा हुआ है, क्योंकि इसकी मांग बढ़ गई है। रविवार को भी महिलाओं का मायके आने-जाने का क्रम चलता रहा। शहर के बस स्टैण्ड,रेल्वे स्टैंड में तीजहारिनों की भीड़ लगी रही। दोपहिया वाहन, कार और अन्य वाहनों में शाम तक आने-जाने का सिलसिला चलता ही रहा।

 

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