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*गणेश चतुर्थी की तैयारी शुरू…दो साल कोरोना संकट के बाद अब इस बार मूर्तिकारों को अच्छे व्यापार की उम्मीद….लेकिन मूर्तियों के बढ़े दाम भी व्यवसाय पर डाल सकते है असर…

बालोद-बालोद क्षेत्र में गणपति पूजा की तैयारियां जोरों पर है। मूर्तिकार भगवान गणेश की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। गणपति बप्पा की मूर्तियों की सजावट का काम अंतिम चरण में है। इस बार मूर्तिकारों को अच्छे कारोबार की उम्मीद जगी है। कोरोना के भय के बीच आगामी गणेशोत्सव के लिए भगवान गणेश की छोटी मूर्तियां ही अधिक संख्या में बनाई जा रही हैं।
बालोद सहित आसपास गांव में जाने वाली मूर्तियां को समय पर उपलब्ध कराने के लिए कुम्भकार बड़ी संख्या में पहले से ही मूर्तियां बना रहे हैं। जिला प्रशासन ने अब तक इस बारे में कोई गाइडलाइन नहीं बनाई है कि मूर्तिकार कितनी ऊंचाई की मूर्तियां बना सकते हैं। अधिकांश मूर्तिकार गणेशजी की छोटी मूर्तियां ही बना रहे हैं। मूर्तिकार बड़ी अर्थात 10 से 15 फीट ऊंची मूर्तियां बनाने से बच रहे हैं।

25 फीसदी तक मूर्तियां महंगी होगी मूर्तिकार

रायसिग कुम्भकार का कहना है कि बीते दो साल साल गणेशोत्सव के लिए बड़ी मूर्तियां बना ली थीं, लेकिन बाद में प्रशासन ने पांच से छह फीट की गणेशजी की मूर्तियां बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन मूर्तियां बन चुकी थीं और गणेशोत्सव समितियों ने बड़ी मूर्तियां नहीं खरीदीं। इससे मूर्तिकारों को बहुत नुकसान हुआ था। इस बार महंगाई का असर भगवान गणेश की मूर्तियों पर भी देखने को मिलेगा । मूर्तिकार ने बताया कि लगभग 20 से 25 फीसदी तक मूर्तियां महंगी हो जाएगी। अलग अलग डिजाइन और पैटर्न में गणेश प्रतिमा का निर्माण कर रहे हैं।

 

दो वर्ष तक सुरक्षित रखना मुश्किल

बता दे कि बीते 2 वर्षों तक कोरोना की वजह से गणेश प्रतिमाओं की बिक्री काफी कम हो गई थी और गणेश प्रतिमा कम दाम में बेचनी पड़ी थी, क्योंकि एक बार बनी हुई गणेश प्रतिमा को आने वाले साल तक सुरक्षित रखना मुश्किल होता है। ऐसे में कम दाम में गणेश प्रतिमा बेचने को मजबूर होना पडा था। लेकिन इस साल कोरोना का असर कम होने के कारण गणेश प्रतिमा की डिमांड अच्छी होने के साथ ही बाजार भी अच्छा रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।

31 अगस्त को स्थापना

इस बार 31 अगस्त को गणपति पूजा है। पूरे क्षेत्र में 11 दिनों तक भगवान गणेश की पूजा होगी। यहां जगह-जगह पंडाल बनाए जाएंगे जिसमें गणपति बप्पा की मूर्तियों को स्थापित किया जाएगा। मूर्तिकार और कारीगर गणेश प्रतिमा को बनाने के काम में जुट गए हैं।

दुर्गाजी की मूर्तियां भी अब बनना शुरू होगी

गणेशोत्सव को 10 दिन ही शेष बचे है एक महीने है। उसके बाद दुर्गोत्सव है। मूर्तिकारों ने मां दुर्गा की मूर्तियों का काम अभी से शुरू करने की तैयारी कर ली है। ज्ञात हो कि कोरोना के कारण दो सालों से मूर्तिकारों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। अभी जिला प्रशासन की मूर्तियों का निर्माण व उनको विराजित करने की गाइडलाइन जारी नहीं हुई है इस कारण मूर्तिकार बड़ी मूर्तियां नहीं बना रहे हैं।

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