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*9 सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रेक्टर के साथ सड़क पर उतरे जिले के गन्ना किसान…बोले ये सिर्फ सांकेतिक है..मांगे पूरी नही हुई तो सरकार को दिखा देंगे अपनी ताकत.. देखे पूरा वीडियो*

बालोद- गन्ना उत्पादक किसानों के बकाया राशि का भुगतान करने की मांग को लेकर जिले के गन्ना उत्पादक संध ने नया बस स्टैंड स्थित टैक्सी स्टैंड में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर शहर में टैक्टर रैली निकालकर तहसील कार्यलय पहुचकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को 9 सूत्रीय मांग पत्र सौपा। इस दौरान किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध जताया। किसानों द्वारा नया बस स्टैंड में धरना प्रदर्शन कर रहे थे इस बीच एसडीएम गंगाधर वाहिले ने धरना स्थल पर पहुचकर किसानों से टैक्टर रैली नही निकालने निर्देश दिए जिसके बाद किसानों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम के आदेश को दरकिनार कर शहर में टैक्टर रैली निकाली गई।
गन्ना उत्पादक किसान संघ जिला सरक्षक छगन देशमुख ने कहा कि प्रदेश सरकार एक ओर अपने आप को किसानों की हितैषी बताकर ढ़िढोरा पीटती रहती है वहीं किसानों के फसल का भुगतान समय पर करती नहीं।फसल चक्र परिवर्तन करने वाले किसानों को प्रति एकड़ दस हजार रुपये देने की बात भी झूठा साबित हुआ।लोक लुभावन घोषणा कर सरकार में बैठी इस सरकार की मंशा किसान समझ गई हैं।

देखे आंदोलन का पूरा वीडियो

 

भुगतान में देरी से परेशान किसान

अंतर की राशि के भुगतान में देरी से किसानों ने अब गन्ने की पैदावार से दूरी बना ली है। प्रबन्धन की इस लापरवाही से शक्कर कारखाने के उत्पादन पर इसका असर पड़ रहा है। दो साल पहले कई किसानों ने गन्ना की फसल लेना बंद कर दिया है। कई किसानों ने कर्ज लेकर गन्ने खेती की लेकिन अब तक ब्याज दे रहें हैं।

9 सूत्रीय मांगे

जिला गन्ना उत्पादक किसान संध के सरक्षक छगन देशमुख ने बताया की 9 सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से 2020-21 में गन्ना पेराई का 340 रु. प्रति क्विंटल का भुगतान किया गया है तथा शेष 14.25 रु. प्रति क्विं. भुगतान पिछले एक साल से नहीं हुआ है। इस वर्ष 2021-22 मे गन्ना पेराई का 275 रू. भुगतान किया गया है ।शेष 80 रु. प्रति क्विं. का भुगतान नही किया है इस संबंध में कलेक्टर बालोद को गन्ना किसानों द्वारा दिनांक 04 अगस्त को ज्ञापन सौपा गया था जिसमें समस्याओं का निराकरण 15 अगस्त तक करने का आग्रह किया था तथा निराकरण नही होने पर दिनांक 17 अगस्त को धरना प्रदर्शन करने की बात कही गई थी। उक्त समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया इसलिए जिला गन्ना उत्पादक किसान संघ जिला बालोद द्वारा बुधवार को विरोध प्रदर्शन स्वरूप एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। गन्ना किसानों को गन्ना उत्पादन करने में मंहगाई (खाद, दवाई, मजदुर) बढ़ने के कारण आगामी पेराई सीजन 2022-23 में गन्ना का समर्थन मूल्य के अलावा 150 रु. प्रति क्विं. राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीदी किया जायें। क्रमांक 1 से 3 तक लिखित समस्याओं का निराकरण एक माह के अंदर नही किया गया तो किसान संघ उग्र धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगें. जिसकी पूरी जवाबदारी शासन और प्रशासन होंगें। धान की आंतरराशि एक मुश्त दी जाये। धान खरीदी 1 नवम्बर से शुरू की जाये। गन्ना किसानों को हाथी द्वारा नुकसान होने पर शासन क्षतिपूर्ति के रूप में 40 हजार रु. प्रति एकड़ दिया जावे । क्रमांक 4,6,7,8 मे उल्लेखित विषयों को किसान के हित में निर्णय लेने की मांग शासन प्रशासन से किया हैं। धरना प्रदर्शन में जिला गन्ना उत्पादक किसान संध के सरक्षक छगन देशमुख,जिलाध्यक्ष तेजराम ,कृष्णा राम साहू,दयानंद साहू,त्रिलोकी साहू,दुलरूराम साहू,बलदेव राम,देवीलाल डड़सेना,सुभाष साहू,रोहित देशमुख,संजीत साहू,राजेश साहू,मोहन तिवारी,मुरारी सहित जिले भर के गन्ना उत्पादक किसान शामिल रहे।

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