दुर्ग – बुधवार की देर रात अमलेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत अपर कलेक्टर के भाई और पुलिस के बीच जमकर बवाल हुआ और अब मामला डीजीपी से लेकर राज्यपाल तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है दरअसल बुधवार रात में अमलेश्वर पुलिस गाड़ियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान रात करीब एक बजे एक सरकारी गाड़ी को भी चेकिंग में रोका गया। गाड़ी के नंबर प्लेट पर अपर कलेक्टर लिखा हुआ था। पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि वो गाड़ी अंबिकापुर के अपर कलेक्टर तनुजा सलाम की है। लेकिन, रात में वे गाड़ी में नहीं थीं। गाड़ी में उनका भाई प्रणय सलाम और भतीजा हर्षवर्धन ध्रुव थे। अमलेश्वर टीआइ राजेंद्र यादव ने उनसे कहा कि जब गाड़ी में अधिकारी नहीं हैं, तो उनके पदनाम को ढंककर चलें। बस इसी बात पर विवाद शुरू हो गया। पुलिस का कहना है कि अपर कलेक्टर के भाई व भतीजे ने पुलिस से गाली गलौज की। वहीं अपर कलेक्टर ने टीआइ पर शराब के नशे में गाली देने का आरोप लगाया है। इस बात को लेकर देर रात तक अमलेश्वर थाना में हंगामा चलता रहा।
क्या कहते अपर कलेक्टर व उनके भाई
शिकायतकर्ता प्रणय सलाम ने बताया कि वह अमलेश्वर अपने घर से अपने पापा के लिए दवाई लेने जा रहा था तभी अमलेश्वर थाने के बाहर थाना प्रभारी और उनके सह स्टाफ ने मेरी गाड़ी को रोके और कहां जा रहे हो यह किसकी गाड़ी है क्या नाम है तुम्हारा मैंने बताया मेरा नाम प्रणय सलाम है मैं अपने पापा के लिए दवाई लेने जा रहा हूं यह मेरी बहन की गाड़ी है तो उन्होंने मुझे बहुत गंदी गंदी गालियां दी मां बहन की गालियां दी मुझे कहा गोड गंवार लोग इतनी बड़ी गाड़ी में कहां से घूमते हो और भी बहुत सारी गालियां दी जो कर सकते हो कर ले लो कहने लगे मैंने कहा सर मैं दवाई लेने जा रहा हूं मुझे अर्जेंट है तो भी मुझे गाली बकने लगे उसके बाद मैं घर गया अपने घर जाकर अपनी बहन को पूरी घटना बताया तो वह लोग मेरे साथ थाने गए पर थाने में थाना प्रभारी राजेन्द्र यादव नही थे फिर हम लोगो ने थाना प्रभारी को बुलाने के लिए कहा पर वह नहीं आए वह काफी नशे में धुत थे हमने लगातार 4 घंटे तक वहां अपना मामला दर्ज कराने के लिए प्रयास करते रहे परंतु थाना प्रभारी को बचाने वहां दुर्ग से एसडीओपी आए थे वह भी थाना प्रभारी के पक्ष में बात करने लगे अमलेश्वर के जीत स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर को बुलाया गया थाना प्रभारी का मुलाहिजा कराया गया जिसमें उन्होंने वित्त सैंपल लिया और उसमें डाल दारु पीने हुए होने को लिखा परंतु वह लोग बोले हम इसको दुर्ग जिला अस्पताल ले जा रहे हैं आप लोग भी चलिए वहां ब्लड सैंपल कराएंगे हम उनके पीछे-पीछे दुर्ग गए वह लोग रास्ते से गायब हो गए हम दुर्ग जिला अस्पताल पहुंचे वहां कोई नहीं था हम सुबह उठकर देखें तो जो रात को इतना गिड़गिड़ा कर हम से माफी मांग रहा था उल्टा गलत खबर चलवा रहे थे कि वह नशे में नहीं था नेगेटिव पाया गया परंतु डॉक्टर की प्रारंभिक रिपोर्ट नशे में पाया गया था एक पुलिस वाले को बचाने के लिए सच को झूठा ठहराने के लिए सारे उनके सहकर्मी जुड़ गए रात भर डटे रहने के बावजूद हमारा f.i.r. नहीं लिखा गया हमें मां बहन की गालियां दी गई जातिगत गालियां दी गई उसके बाद भी किसी प्रकार की कोई कार्यवाही ना होना पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली प्रणाली को दर्शाता है इससे मैं और मेरा परिवार काफी आहत हैं मेरे साथ मेरा भाई हर्ष भी था | लेकिन पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नही किया गया है उल्टा सोसल मीडिया में मुझे गलत ठहराया जा रहा है | मेरी शिकायत नही लिखा गया तो मैं अपने परिवार के साथ राज्यपाल जी व DGP महोदय जी से मुलाकात कर शिकायत करुंगा ||