बालोद -बालोद जिले में पिछले कुछ सालो में भाजपा के ग्राफ में लगातार गिरावट देखने को मिली है चाहे निकाय चुनावो कि बात हो या पंचायती राज चुनाव हो ज्यादातर जगहों में कांग्रेस का दबदबा दिखने को मिला है जिसके पीछे माना जा रहा है कि बालोद जिले में भाजपा नेताओ के बीच ही एक लंबी लकीर खींच चुकी है और यही कारण है कि पिछले निकाय चुनाव में कुछ निकायों में भाजपा का बहुमत होने के बाद भी अध्यक्ष नहीं बन पाई कुछ ऐसी स्थिति दल्लीराजहरा में भी देखने को मिला जब भाजपा के पास कांग्रेस से अधिक पार्षद होने के बाद भी कांग्रेस का अध्यक्ष बना तो वही इन्ही पार्षदों ने उपाध्यक्ष के लिए भाजपा उम्मीदवार संतोष देवांगन पर विश्वास दिखाए जिसके बाद कुछ पार्षदों पर सवाल भी उठे और इस बीच भाजपा निर्वाचित उपाध्यक्ष संतोष देवांगन ने भी आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर लिए वही अब नगरीय निकाय के ढाई साल के कार्यकाल के बाद दल्लीराजहरा कि निकाय के राजनीती में बड़ा भूचाल आ गया है 3 दिन पहले ही जब नगर पालिका उपाध्यक्ष संतोष देवांगन ने कांग्रेसी नेताओ पर सट्टे कि वसूली तथा प्रशासन द्वारा भी जुए सट्टे पर लगाम नहीं लगाने का आरोप से त्रस्त होकर अपने उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने पेशकश जिला प्रशासन को सौप चुका है लेकिन इस्तीफे के दो दिन बाद ही दल्लीराजहरा से एक ऑडियो वायरल हुआ जिसमे दो लोगो कि बातचीत है जिसमे एक व्यक्ति किसी सट्टा खाईवाल से पैसे लेनदेन कि बाते कहते माजर आये थे जिसके बाद संतोष देवांगन व एक अन्य व्यक्ति कि बातचीत का भी ऑडियो सामने आया जिसमे संतोष देवांगन के साथ चर्चा कर रहे व्यक्ति के अनुसार शराब दूकान में चखना दूकान के लिए दल्लीराजहरा के दो दिग्गज कांग्रेसी नेताओ द्वारा कहने पर लगाने कि बात कही जा रही है
भाजपा कांग्रेस पार्षद मिलकर ला रहे उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
दल्लीराजहरा में अध्यक्ष उपाध्यक्ष के इस आरोप प्रत्यारोप के बाद अब भाजपा ने कांग्रेस से हाथ मिला ली और उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने दो धुर विरोधी राजनितिक दल के पार्षद एक साथ एक लेटर पेड में हस्ताक्षर कर संतोष देवांगन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने बालोद कलेक्ट्रेट में अपना ज्ञापन सौपे है इस दौरान कांग्रेसी पार्षद स्वप्निल तिवारी ने नगर पालिका उपाध्यक्ष पर शहर के विकाश कार्यो में रोड़ा उत्पन्न करने का आरोप लगाते नजर आये तो वही इन आरोपों के जवाब में संतोष देवांगन ने अविश्वास प्रस्ताव को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि इनके अविश्वास प्रस्ताव से पहले ही वो खुद ऐसे पालिका अध्यक्ष के साथ काम करने में असमर्थता जताते हुए अपना सशर्त इस्तीफा जिला प्रशासन को सौप चुके है वही उपाध्यक्ष ने आरोपों कि झड़ी लगाते हुए कहा कि दल्लीराजहरा में भाजपा और कांग्रेस मिलकर काम कर रहे है वही इस दौरान भाजपा पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा कि अब भाजपा के शीर्ष नेत्रित्व को समझ जाना चाहिए बहुमत के बाद भी उनका अध्यक्ष कैसे नहीं बना
क्या भाजपा पार्षद आगे भी देंगे कांग्रेस का साथ
दल्लीराजहरा कि नगरपालिका कि राजनीती में मचे बवाल के बीच देश के दो धुर राजनितिक विरोधी दल भाजपा कांग्रेस अब हाथ मिलाकर आम आदमी पार्टी के उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने कि तैयारी के बाद इस पुरे मामले पर दल्लीराजहरा भाजपा मंडल अध्यक्ष गोविन्द वाधवानी से बात कि गई तो और उनसे पूछा गया क्या भाजपा कांग्रेस मिलकर संतोष देवांगन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला रही है ..मामले पर मंडल अध्यक्ष वाधवानी ने कहा कि पहले भाजपा निर्दलीय पार्षदों के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रेस किया था लेकिन उस समय ढाई साल का कार्यकाल नहीं होने के कारण मामला अटक गया वही अब जब ढाई साल हो गया तो सब मिलकर अविश्वास प्रस्ताव ला रहे है …उनसे पूछा गया क्या उपाध्यक्ष को हटाने भाजपा कांग्रेस से हाथ मिला सकती है जिस पर भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा कि “हां “ मतलब बालोद जिले में विरोधी को हटाने भाजपा कांग्रेस से हाथ मिला सकती है ..इसी सवाल पर भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णकांत पवार से भी चर्चा कि गई जिसपर उन्होंने कहा कि भाजपा के पार्षद संतोष देवांगन को उपाध्यक्ष पद से हटाने प्रतिबद्ध है ..सवाल ..तो क्या इसके लिए आपके पार्षद कांग्रेस से हाथ मिला लेगे …इस पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि आज भाजपा पार्षदों के साथ बैठक है जिसके बाद इस विषय में बता पाउँगा ..बहरहाल देखना होगा कि देश कि तीसरी पार्टी के उपाध्यक्ष को हटाने भाजपा कांग्रेस आपस में हाथ मिला लेते है ….?