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तीन दिन… तीन हिरण… और अब भी सोया है सिस्टम! बालोद में हिरण बना कभी कुत्तों का शिकार, कभी लकड़बग्घों का ग्रास — वन विभाग की नाकामी उजागर

    बालोद, छत्तीसगढ़। जंगल का मेहमान अब गांव की गलियों में दम तोड़ रहा है। बीते तीन दिनों में बालोद जिले में तीन हिरणों की मौत ने वन्य प्राणी संरक्षण की हकीकत उजागर कर दी है। कहीं आवारा कुत्तों ने दौड़ाकर मारा, तो कहीं जंगल के लकड़बग्घे ने नोच डाला। लेकिन सवाल यह है…

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