मिट्टी के बैलों से सजा बालोद का बाजार, गुरुवार को गूंजेगी पोला की आस्था; बैलों के श्रृंगार से लेकर ठेठरी-खुरमी तक दिखेगी छत्तीसगढ़ी परंपरा
बालोद। खेती-किसानी और पशुधन के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने वाला पारंपरिक पोला पर्व गुरुवार को जिलेभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। ग्रामीण अंचलों में इस पर्व को लेकर विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं। किसान अपने बैलों को स्नान कराकर उनका श्रृंगार करेंगे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उन्हें सम्मान देंगे। वहीं…













