निर्माण के दौरान नाली का बेड और साइड स्लैब का कुछ हिस्सा तैयार किया गया, लेकिन इसके बाद ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। वहीं नाली के ऊपर लगाए जाने वाले RCC स्लैब को भी मुख्य मार्ग पर अलग-अलग स्थानों पर ढलाई कर छोड़ दिया गया है। इससे दल्ली चौक से नया बस स्टैंड तक करीब 200 मीटर सड़क का एक हिस्सा पिछले दो माह से प्रभावित बताया जा रहा है।
व्यस्त NH-930 पर भारी वाहनों के साथ यात्री बसों की आवाजाही रहती है। नया बस स्टैंड होने के कारण बसों के प्रवेश और निकासी के समय यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में सड़क के एक हिस्से का लंबे समय तक बाधित रहना दुर्घटना की आशंका को बढ़ा रहा है।

सड़क पर निर्माण सामग्री, विभाग की निगरानी पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के व्यस्त हिस्से को ठेकेदार द्वारा निर्माण सामग्री और RCC स्लैब रखने के लिए लंबे समय तक इस्तेमाल किए जाने की अनुमति आखिर किस स्तर से मिली? यदि विभाग की अनुमति थी तो क्या निर्धारित यातायात सुरक्षा व्यवस्था और वैकल्पिक प्रबंधन किया गया? और यदि अनुमति नहीं थी तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य की धीमी गति और सड़क पर सामग्री रखे जाने के बावजूद संबंधित अधिकारी ठेकेदार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे विभागीय निगरानी और ठेकेदार को मिल रहे कथित संरक्षण पर सवाल उठ रहे हैं।
कार्रवाई कब?
जनता की समस्या दूर करने के लिए स्वीकृत नाली निर्माण अब खुद परेशानी का कारण बन गया है। ऐसे में NHAI को स्पष्ट करना होगा कि निर्माण कार्य कब तक पूरा कराया जाएगा, सड़क पर पड़े स्लैब और सामग्री कब हटाई जाएगी तथा यदि ठेकेदार ने अनुबंध या सड़क सुरक्षा संबंधी नियमों का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।













