प्रदेश रूचि

भर्रीगाँव पुरुर में आयोजित कर्मा जयंती कार्यक्रम में उमड़े समाज के लोग…कार्यक्रम में शामिल जिपं अध्यक्ष बोले साहू समाज प्रदेश के विकास में महती भूमिका निभा रही हैराज्यपाल रमेन डेका से मिले जिले भाजपा नेता..औपचारिक मुलाकात कर किए ये चर्चाराज्यपाल रमेन डेका ने प्रशासनिक बैठक गिरते जलस्तर पर जताई चिंता…तो वही सड़क दुर्घटना ,अवैध मादक पदार्थों की बिक्री रोकने सहित दिए ये निर्देशमेढ़की में आतिशबाजी और कलश यात्रा निकालकर मनाया गया कर्मा जयंती…नवनिर्वाचित पंच और कांग्रेस जिलाध्यक्ष का हुआ सम्मानछग के राज्यपाल का बालोद दौरा..हितग्राहियों और लखपति दीदियों से किए मुलाकात…अधिकारियो के साथ बैठक में दिए ये निर्देश


जनसम्पर्क दौरा कार्यक्रम में ग्रामीणों ने विधायक से की लाटाबोड में सीएचसी खोलने की मांग,तो नेवारीकला में हायर सेकेंडरी स्कूल का उठा मुद्दा

 

संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र के विधायक संगीता सिन्हा का जनसंपर्क का दौरा कार्यक्रम एक बार फिर से शुरू हो गया है। गुरुर क्षेत्र के गांव के बाद अब उनका फोकस बालोद ब्लॉक के गांव में हैं और वे अब एक-एक करके इस इलाके के गांव में भी जाकर लोगों की समस्या से रूबरू होगी। इस क्रम में वे ग्राम लाटाबोड़ और नेवारीकला में पहुंची। जहां पर ग्रामीणों द्वारा अपनी वर्षों पुरानी मांगों को विधायक के समक्ष रखा गया। जिन पर विधायक ने आश्वस्त किया कि मैं खुद उनके लिए प्रयासरत हूं और सरकार से मांग की जा रही है कि उन मांगों को प्राथमिकता से निराकृत किया जाए। लाटाबोड़ में प्रमुख रूप से ग्रामीणों द्वारा वर्तमान में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में परिवर्तित करने की मांग की। जब से बालोद जिला बना है तब से यह मांग जोर-शोर से उठ रही है। पहले बालोद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र था ,अब जिला अस्पताल बन गया। उसके बाद चूंकि लाटाबोड़ बालोद दुर्ग मुख्य मार्ग पर स्थित है और आसपास के कई गांव का केंद्र बिंदु है इस लिहाज से यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदलने की मांग कई बार हो रही है। इसके लिए विभाग द्वारा सर्वे भी किया गया। जगह भी प्रस्तावित है। पर अब तक कुछ नहीं हुआ है। इस मुद्दे को ग्रामीणों ने उठाया ताकि आसपास के कई गांव के लोगों को इसका लाभ मिल सके और उन्हें स्वास्थ्य सुविधा के लिए जिला मुख्यालय बालोद पर निर्भर न रहना पड़े और छोटे-छोटे इलाज व जांच यहीं हो सके।

सीएचसी के मांग पर विधायक ने कहा प्रस्ताव पहले से भेज चुके

 

ग्राम लाटाबोड़ के ग्रामीणों ने गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रारम्भ करने की मांग प्रमुखता से की ताकि लाटाबोड़ एवं आसपास के ग्रामीणों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा का लाभ यहीं मिल सके एवं उन्हें जिला मुख्यालय तक का लंबा सफर न तय करना पड़े। विधायक ने बताया कि बालोद में जिला चिकित्सालय बनने के बाद यहां संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को लाटाबोड़ में संचालित किए जाने हेतु नवीन भवन एवं स्टॉफ का प्रस्ताव शासन को पूर्व में ही प्रेषित की जा चुकी है एवं शासन स्तर पर स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है और इस हेतु मैं स्वयं निरंतर प्रयासरत हूँ। जब ग्रामीणों ने जाना कि विधायक भी उसके लिए पूरा प्रयास कर रही हैं तो उन्होंने इसके लिए आभार जताया व कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है, उम्मीद है कि वे इस मांग को प्रमुखता से लेंगे और जल्द से जल्द यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुलेगा। वह दिन ग्रामीणों के लिए एक बड़ा सपना साकार होने जैसा होगा।

लोगों ने किया आत्मीयता से स्वागत

संजारी-बालोद विधायक संगीता सिन्हा ने बालोद विकासखंड के ग्राम लाटाबोड एवं नेवारीकला का जनसंपर्क दौरा की। विधायक द्वारा किये जा रहे इस जनसम्पर्क दौरा को ग्रामीणों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। दोनों ग्रामों में विधायक का आत्मीय स्वागत किया गया। दोनों ग्रामों में आयोजित सभा में उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा करते हुए विधायक उनकी एवं गांव की समस्याओं व मांगों से अवगत हुई।

नेवारीकला में विधायक निधि से बनेगा कला मंच आयोजन में नहीं होगी दिक्कत

विधायक ने ग्राम नेवारीकला में विधायक निधि से स्वीकृत कलामंच निर्माण कार्य का भूमिपूजन भी किया। इस निर्माण से गांव में सांस्कृतिक आयोजनों में सुविधा होगी। लोगों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। वही कला संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीणों ने विधायक निधि से उक्त कार्य की स्वीकृति के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया।

वन डिपो है पर दाह संस्कार तक के लिए भी लकड़ी नहीं मिलती, विधायक ने वन विभाग से की बात

ग्राम लाटाबोड में वन विभाग का वन डिपो (लकड़ी टॉल) कई वर्षों से संचालित है। लेकिन विडंबना है यहां ग्रामीणों को दाह संस्कार तक के लिए भी लकड़ी नहीं मिलती। इससे ग्रामीणों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस संवेदनशील मुद्दे को भी ग्रामीणों ने जनसंपर्क के दौरान विधायक के समक्ष रखा। यहां के ग्रामीणों ने विधायक को बताया किया कि गांव में लकड़ी टाल तो है लेकिन यहाँ जलाऊ लकड़ी उपलब्ध ही नहीं रहता है। जिसके कारण मुख्य रूप से शवदाह हेतु लकड़ी की व्यवस्था करने में ग्रामीणों को बहुत दिक्कत होती है। उन्होंने विधायक से माँग किया कि लकड़ी टाल में कम से कम शवदाह कार्य के लिए आवश्यकतानुरूप लकड़ी हमेशा उपलब्ध रहे। विधायक ने वन विभाग से बात कर लकड़ी की उपलब्धता सुनिश्चित करने निर्देशित किया। विधायक की इस तत्परता पर ग्रामीणों ने धन्यवाद ज्ञापित किया व उम्मीद जताई कि अब यहां वन विभाग अपनी व्यवस्था सुधारते हुए जलाऊ लकड़ी उपलब्ध करवाएगा। बता दें कि वन डिपो के मार्ग पर ही गांव का मुक्तिधाम है। अगर यहां जलाऊ लकड़ी उपलब्ध होगी तो दाह संस्कार के समय लकड़ियों को लाने ले जाने में भी सुविधा होगी।

जनभागीदारी से चल रहा स्कूल, हायर सेकेंडरी की मान्यता की मांग

नेवारीकला के ग्रामीणों ने हाईस्कूल को हायर सेकेंडरी में उन्नयन कराने की मांग प्रमुखता से रखी। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग एवं जनभागीदारी समिति के माध्यम से हायर सेकेंडरी कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है । विधायक ने कहा कि नेवारीकला हाईस्कूल उन्नयन का प्रस्ताव पूर्व के वर्षों में शासन को प्रेषित की जा चुकी है एवं विभाग के द्वारा इस हेतु निर्धारित मापदंडों का परीक्षण भी किया जा चुका है। शाला के उन्नयन के लिए शासन से बात एवं पूरा प्रयास करूंगी।
यहां के स्कूल की खासियत है कि जनभागीदारी व ग्रामीणों के सहयोग से यहां 11वीं 12वीं की कक्षा संचालित हो रही है। शासन से हायर सेकेंडरी स्कूल की मान्यता ना होने के चलते बच्चों को परीक्षा दिलाने के लिए दूसरे स्कूल जाना पड़ता है। शासन से हाईस्कूल तक की मान्यता है इससे हायर सेकेंडरी के लिए बच्चों को परेशानी होती है। इसके लिए बार-बार ग्रामीणों द्वारा मांग की जा रही है। इसके लिए वे मंत्री तक भी जा चुके हैं। आसपास के स्कूलों से यहां की पढ़ाई व्यवस्था भी अच्छी है और एकजुटता व शिक्षा के प्रति लगन की एक अच्छी मिसाल यहां देखने को मिलती है। ग्रामीण आपस में ही फंड जुटा कर बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नियुक्त करते हैं। यह बालोद जिले में अपनी तरह का एक बड़ा स्कूल है जो कि शिक्षा विभाग में भी एक अनूठा उदाहरण माना जाता है।

आवास पेंशन पर भी गंभीर रही विधायक

आवास, पेंशन की माँग आदि के प्राप्त प्रकरण को मौके पर उपस्थित जनपद पंचायत के अधिकारियों एवं पंचायत सचिव से चर्चा कर आवेदकों को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए निराकृत किया गया। राजस्व के प्रकरण पर उपस्थित राजस्व निरीक्षक एवं हल्का पटवारी से चर्चा कर हल निकाला गया। निर्माण कार्य सम्बन्धी मांगो पर विधायक ने निधि उपलब्ध होने के पश्चात प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करने की बात कही। विधायक ने ग्रामीणों से चर्चा करते हुए भूपेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी एवं लोगों को इसका लाभ मिल रहा है या नहीं इसकी जानकारी ली। उन्होंने में शासन द्वारा हाल में लागू की गई भूमिहीन किसान मजदूर योजना का लाभ उठाने की अपील भी की तो वहीं पंचायत प्रशासन को भी कहा कि इसके लिए पर्याप्त प्रचार-प्रसार करें। ताकि जो भी पात्र हैं वह अपना पंजीयन पंचायत आकर करवा सके। संबंधित लोगों से निर्धारित दस्तावेजों के साथ आवेदन लेना है तो वही ऑनलाइन पंजीयन का कार्य पंचायत व जनपद के द्वारा किया जाना है। ताकि सत्यापन के बाद संबंधित पात्रों को शासन द्वारा घोषित ₹6000 की राशि प्राप्त हो सके। ज्ञात हो कि कृषि मंत्री रविंद्र चौबे के द्वारा उक्त योजना पर देव् उठनी में राशि जारी करने का ऐलान भी किया जा चुका है। इसके पहले ही पात्र लोगों को लाभ मिले इसके लिए पंचायत और शासन प्रशासन गंभीर है।

ये रहे मौजूद

जनसंपर्क दौरे में विधायक के साथ कांग्रेस के ब्लॉकअध्यक्ष चन्द्रेश हिरवानी, पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्णा दुबे, विधायक प्रतिनिधि कमलेश श्रीवास्तव, ब्लॉक महामंत्री रोहित सागर, तरौद सेक्टर अध्यक्ष धर्मेंद्र रामटेके, मीडिया प्रभारी देवेंद्र साहू के अलावा जिला एवं जनपद पंचायत के सदस्यगण, दोनों ग्राम के सरपंच, पंचगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं कांग्रेसजन उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!