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राज्योत्सव से पहले छत्तीसगढ़ के सरकारी खजाने को केंद्र की बड़ी सौगात, 3602 करोड़ रुपये जारी

31 अक्टूबर को केंद्र सरकार ने राज्यों को जारी की कर हस्तांतरण की अग्रिम किस्त, छत्तीसगढ़ को मिली 3602 करोड़ रुपये की राशि से विकास और कल्याणकारी योजनाओं को मिल सकती है रफ्तार

रायपुर/बालोद। छत्तीसगढ़ अपना राज्योत्सव मनाने जा रहा है और इस उत्सव से ठीक पहले प्रदेश के सरकारी खजाने में केंद्र सरकार की ओर से 3602 करोड़ रुपये की बड़ी राशि पहुंची है। केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 को राज्यों को कर हस्तांतरण के रूप में कुल 1 लाख 9 हजार 19 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसमें छत्तीसगढ़ के हिस्से में 3602 करोड़ रुपये आए हैं। यह राशि नियमित मासिक कर हस्तांतरण के अतिरिक्त जारी की गई अग्रिम किस्त है।

राज्योत्सव के अवसर पर प्रदेश के लिए यह आर्थिक खबर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्र से मिली इस अतिरिक्त राशि से राज्य सरकार को विकास कार्यों, अधोसंरचना निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे। साथ ही पूंजीगत खर्च में तेजी लाने और विभिन्न विकास परियोजनाओं के वित्तपोषण में भी मदद मिल सकती है।

त्योहारों से पहले राज्यों को मिली अतिरिक्त आर्थिक ताकत

वित्त मंत्रालय के अनुसार, आगामी त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए यह अग्रिम राशि जारी की गई है। इसका उद्देश्य राज्य सरकारों को पूंजीगत व्यय बढ़ाने के साथ-साथ विकास और कल्याण से जुड़े खर्चों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराना है। चालू वित्त वर्ष में राज्यों को जारी की गई यह दूसरी अतिरिक्त कर हस्तांतरण किस्त है।

कितनी बड़ी है छत्तीसगढ़ के लिए यह राशि?

केंद्र सरकार की ओर से जारी कुल 1,09,019 करोड़ रुपये में छत्तीसगढ़ को 3,602 करोड़ रुपये मिले हैं। राज्यवार आवंटन में उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक 19,208 करोड़ रुपये, बिहार को 10,845 करोड़ रुपये और मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ और राजस्थान को 6,460 करोड़ रुपये मिले हैं।

छत्तीसगढ़ को मिली 3,602 करोड़ रुपये की राशि ऐसे समय में आई है, जब प्रदेश राज्योत्सव की तैयारियों और आयोजन के बीच विकास एवं जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

अब खर्च और विकास कार्यों पर रहेगी नजर

केंद्र से मिली इस अतिरिक्त राशि के बाद प्रदेश में विकास कार्यों को कितनी गति मिलती है, यह महत्वपूर्ण होगा। खासकर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पेयजल, ग्रामीण अधोसंरचना और अन्य जनहितकारी योजनाओं में इस वित्तीय संसाधन का कितना प्रभाव दिखाई देता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

राज्योत्सव से पहले सरकारी खजाने में आई 3602 करोड़ रुपये की यह राशि प्रदेश के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है। अब देखना होगा कि इस अतिरिक्त वित्तीय सहायता का लाभ विकास कार्यों और आम जनता तक किस तरह पहुंचता है।

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