राष्ट्रीय स्तर पर चमकीं लक्ष्मी मानिकपुरी, खुशी विश्वकर्मा और वंशिका सिंह; गांव से देश के प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचकर रचा सफलता का नया अध्याय
कुसुमकसा/बालोद। प्रतिभा किसी बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। यदि मेहनत, लगन और उचित मार्गदर्शन मिले, तो ग्रामीण अंचल की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। इस बात को बालोद जिले के डौंडी विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुसुमकसा की तीन होनहार बेटियों ने सच कर दिखाया है। यहां की छात्राएं लक्ष्मी मानिकपुरी, खुशी विश्वकर्मा और वंशिका सिंह अपनी प्रतिभा के दम पर देश के प्रतिष्ठित संसदीय मंच तक पहुंचने जा रही हैं। इनमें से लक्ष्मी मानिकपुरी और खुशी विश्वकर्मा को राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा, जबकि वंशिका सिंह को लोकसभा में अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। तीनों बेटियों की इस उपलब्धि से कुसुमकसा सहित पूरे बालोद जिले में हर्ष और गर्व का माहौल है।
विज्ञान प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन, लक्ष्मी और खुशी होंगी सम्मानित
सेजेस स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल, कुसुमकसा की छात्राएं लक्ष्मी मानिकपुरी और खुशी विश्वकर्मा ने राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनकी इसी उपलब्धि के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर लोकसभा भवन में सम्मानित किया जाएगा।
खुशी विश्वकर्मा इससे पहले कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में जिले की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं। अब राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान प्रदर्शनी में मिली सफलता ने उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया है। दोनों छात्राओं की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी विज्ञान, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों में अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं।
देशभर के 12 बच्चों में वंशिका सिंह का चयन, लोकसभा में रखेंगी विचार
कुसुमकसा की तीसरी होनहार बेटी वंशिका सिंह ने भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। कुसुम पब्लिक स्कूल, कुसुमकसा के प्राचार्य श्री आर.के. सिंह की पुत्री वंशिका का चयन देशभर से चुने गए 12 बच्चों में हुआ है। उन्हें लोकसभा में अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों और सांसदों की गरिमामयी उपस्थिति वाले इस प्रतिष्ठित मंच पर अपनी बात रखने का अवसर मिलना वंशिका के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके चयन से विद्यालय परिवार और क्षेत्र के लोगों में विशेष उत्साह है। वंशिका की सफलता ने यह संदेश दिया है कि विद्यार्थियों को यदि अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिले, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।

शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के प्रोत्साहन ने दिलाई सफलता
तीनों छात्राओं की उपलब्धि के पीछे उनकी मेहनत, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ शिक्षकों के मार्गदर्शन तथा अभिभावकों के प्रोत्साहन की महत्वपूर्ण भूमिका है। सेजेस स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल की शिक्षिका सुश्री सोनल गुप्ता के परिश्रम, समर्पण और कुशल मार्गदर्शन की विशेष सराहना की जा रही है।
विद्यालय के प्राचार्य सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रयासों से विद्यार्थियों को विज्ञान, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। वहीं, परिवारों के सहयोग और प्रोत्साहन ने भी छात्राओं को अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
संजय बैस और मंजू बैस ने दी बधाई, बताया पूरे क्षेत्र के लिए गौरव
पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस एवं जनपद पंचायत डौंडी की सभापति मंजू बैस ने लक्ष्मी मानिकपुरी, खुशी विश्वकर्मा और वंशिका सिंह को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने तीनों छात्राओं के माता-पिता, अभिभावकों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार को भी बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण अंचल की बेटियों का राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने विश्वास जताया कि इन बेटियों की सफलता क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। बेटियों को उचित मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, तो वे किसी भी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।
आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेंगी बेटियां
कुसुमकसा की इन तीनों बेटियों की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का अवसर है। एक ओर जहां लक्ष्मी मानिकपुरी और खुशी विश्वकर्मा विज्ञान के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से पहचान बना रही हैं, वहीं दूसरी ओर वंशिका सिंह को देश की सर्वोच्च विधायी संस्थाओं में से एक लोकसभा में विचार रखने का अवसर मिलना उनकी उपलब्धि को और विशेष बनाता है।
इन बेटियों की सफलता ग्रामीण अंचल की उस प्रतिभा को सामने लाती है, जिसे सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर नई ऊंचाइयां हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता। कुसुमकसा की बेटियां अब राष्ट्रीय मंच पर सम्मान और अपने विचारों के माध्यम से क्षेत्र का मान बढ़ाने जा रही हैं। उनकी यह उपलब्धि निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।













