28 अक्टूबर को जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित, कलेक्टर ने विभागों को दिए सतर्कता और बचाव के निर्देश
बालोद। संभावित चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा की आशंका को देखते हुए बालोद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिले में संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पूर्व में अतिवृष्टि से प्रभावित 61 गांवों को विशेष रूप से चिन्हांकित करते हुए सुरक्षा और राहत व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे नालों की सफाई का काम शुरू हो गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मजदूर नालों की सफाई करते नजर आए, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी सुचारू बनी रहे और जलभराव की आशंका को कम किया जा सके। वहीं, संभावित खतरे को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने 28 अक्टूबर को जिले के सभी शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है।

61 गांवों पर विशेष नजर, राहत-बचाव की तैयारी
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर जिले के सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। पूर्व में अतिवृष्टि से प्रभावित 61 गांवों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है। निचले इलाकों, नदी-नालों के आसपास और जलभराव की आशंका वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।

स्कूलों में छुट्टी, बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
चक्रवाती तूफान और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने 28 अक्टूबर को जिले के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में एक दिन का अवकाश घोषित किया है। प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिया है कि आंधी-तूफान, भारी बारिश और वज्रपात की स्थिति में बच्चों को खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों तथा जर्जर भवनों से दूर रखा जाए। जलमग्न रास्तों से विद्यार्थियों की आवाजाही रोकने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में आवश्यकतानुसार सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

स्वास्थ्य से लेकर बिजली विभाग तक अलर्ट
प्रशासन ने स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की उपलब्धता तथा जीवनरक्षक दवाइयों का पर्याप्त इंतजाम रखने के निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को पुल-पुलियों तथा नालों पर पानी बहने की स्थिति में बैरिकेडिंग करने को कहा गया है, ताकि लोग जोखिम उठाकर रास्ता पार न करें। नगरीय निकायों को नालियों की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त रखने, जबकि विद्युत विभाग को खुले तारों और क्षतिग्रस्त उपकरणों की जांच कर आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जल संसाधन विभाग को जलाशयों और बांधों के जलस्तर पर नजर रखने तथा खतरे की स्थिति में आसपास के गांवों को समय रहते सूचित करने को कहा गया है। कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को कटी हुई धान की फसल को पानी से सुरक्षित रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। वहीं, जिला सेनानी को एनडीआरएफ की टीम अलर्ट पर रखने और जरूरत पड़ने पर बचाव कार्य के लिए नाव चालकों की टीम तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कंट्रोल रूम सक्रिय, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
आपातकालीन सहायता के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। नागरिक बाढ़, अतिवृष्टि या अन्य आपात स्थिति की सूचना 07749-223950 पर दे सकते हैं। इसके अलावा डायल 112 के 12 वाहनों को जिले में विभिन्न स्थानों पर मुस्तैद रखा गया है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी-नालों, तेज बहाव वाले रास्तों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। आंधी-तूफान के दौरान बिजली के खंभों, खुले तारों और जर्जर भवनों के पास जाने से बचें तथा मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जन-धन की सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।













