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प्रदेश रूचि

23 गोल से रचा इतिहास, आज सम्मानित होंगी बालोद की बेटी किरण पिस्दा, पहली महिला फुटबॉलर को मिलेगा शहीद राजीव पांडेय अवॉर्ड

बालोद। जिले की बेटी और छत्तीसगढ़ की स्टार महिला फुटबॉलर किरण पिस्दा के लिए आज का दिन बेहद खास होने जा रहा है। अपने शानदार खेल प्रदर्शन से प्रदेश और बालोद का नाम रोशन करने वाली किरण पिस्दा को वर्ष 2025-26 के राज्य खेल अलंकरण समारोह में प्रतिष्ठित शहीद राजीव पांडेय अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मान प्रदान करेंगे।


किरण के लिए यह सम्मान इसलिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि राज्य खेल अलंकरण के करीब 18 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला फुटबॉलर को शहीद राजीव पांडेय अवॉर्ड दिया जा रहा है। इस उपलब्धि ने न केवल किरण बल्कि उनके परिवार और पूरे बालोद जिले को गौरवान्वित किया है।

5 मैचों में 23 गोल, छत्तीसगढ़ को दिलाया स्वर्ण
किरण पिस्दा ने अप्रैल में रायपुर में आयोजित नेशनल ट्राइबल गेम्स में अपने खेल का शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने प्रतियोगिता के महज पांच मैचों में 23 गोल दागकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनके दमदार प्रदर्शन की बदौलत छत्तीसगढ़ की टीम ने प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल किया।
इसी बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए किरण का चयन वर्ष 2025-26 के राज्य खेल अलंकरण के लिए किया गया है।

डे-बोडिंग अकादमी से यूरोप तक का सफर
बालोद निवासी किरण पिस्दा ने रायपुर की डे-बोडिंग अकादमी से अपने फुटबॉल सफर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में ही उनकी प्रतिभा ने प्रशिक्षकों का ध्यान खींचा और इसके बाद उन्होंने लगातार मेहनत करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
किरण ने इंडियन वूमन्स लीग में अपनी प्रतिभा दिखाई और केरला ब्लास्टर्स जैसे बड़े क्लब से भी जुड़ीं। इसके बाद उन्होंने यूरोप में भी अपने खेल का प्रदर्शन कर यह साबित किया कि छोटे शहर और सीमित संसाधनों से निकलने वाली प्रतिभा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है।

“बालोद की बेटी किरण पिस्दा ने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि यूरोप की धरती पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। क्रोएशिया के क्लब दिनामो ज Zagreb से जुड़ने के दौरान किरण की मुलाकात विश्व फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लुका मोद्रिच से हुई। किरण ने इस खास पल की तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए मोद्रिच को ‘Legend’ बताया था। बाद में किरण ने भी इस मुलाकात को अपने जीवन के यादगार पलों में शामिल किया।”

माता-पिता को बेटी की उपलब्धि पर गर्व
किरण की इस उपलब्धि से उनके माता-पिता भी बेहद गौरवान्वित हैं। बेटी की मेहनत को इस मुकाम तक पहुंचते देख परिवार के लिए यह पल भावुक और गर्व से भरा है। किरण की सफलता आज बालोद सहित प्रदेश की उन बेटियों के लिए भी प्रेरणा बन गई है, जो खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहती हैं।


आज रायपुर में जब किरण पिस्दा को शहीद राजीव पांडेय अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा, तो यह सिर्फ एक खिलाड़ी का सम्मान नहीं, बल्कि बालोद की उस बेटी की मेहनत और संघर्ष का सम्मान होगा, जिसने फुटबॉल के मैदान पर अपने गोलों से इतिहास रच दिया।

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