
शिकायत में 60-70 लोगों पर पथराव का आरोप
FIR में दर्ज शिकायत के मुताबिक शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह अपने परिचितों के साथ खपरगंज के पास मौजूद था। इसी दौरान कुछ युवकों के साथ विवाद की स्थिति बनी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विवाद बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और करीब 60-70 लोगों द्वारा पथराव किए जाने की बात कही गई है।
शिकायत के अनुसार इस दौरान लाठी-डंडे और अन्य वस्तुओं से हमला करने, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं। पथराव में कुछ लोगों के चोटिल होने की बात शिकायत में दर्ज है। पुलिस ने शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और आरोपों को FIR में शामिल करते हुए जांच शुरू कर दी है।
21 नामजद आरोपियों के नाम FIR में दर्ज
FIR की आरोपी सूची में 21 नामजद लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा घटना में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस शिकायत में बताए गए प्रत्येक आरोपी की भूमिका, घटनास्थल पर मौजूदगी और कथित पथराव व मारपीट में उनकी भागीदारी की पड़ताल कर रही है।

वाहनों और मौके पर मौजूद लोगों का भी जिक्र
शिकायत में घटना से पहले और दौरान मौके पर पहुंचे कुछ वाहनों का भी उल्लेख किया गया है। FIR में बताया गया है कि विवाद के दौरान कुछ लोगों ने रास्ता रोककर कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की। इसके बाद स्थिति बिगड़ने पर भीड़ बढ़ती गई और पथराव शुरू हो गया।
कलेक्टर-एसएसपी ने संभाली थी कमान
घटना की सूचना के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। हालात की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। खपरगंज और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री साझा नहीं करने की अपील की है।
FIR के बाद जांच का दायरा बढ़ा
अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुए विवाद, उसके बाद आमने-सामने आने, मारपीट, भीड़ जुटने और पथराव तक की पूरी घटनाक्रम की जांच की जा रही है। घटनास्थल और आसपास के CCTV फुटेज, मोबाइल वीडियो तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि FIR में दर्ज आरोपों की जांच के बाद जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।













