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नेपाल की तबाही के बीच छत्तीसगढ़ के नागरिकों पर सरकार की नजर, 9 की स्थिति स्पष्ट; 2 अब भी लापता

बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल में बिगड़े हालात के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने निगरानी बढ़ाई; 5 नागरिक सुरक्षित लौट रहे, दो के परिजनों से हुआ संपर्क

रायपुर। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से उपजे गंभीर हालात ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की भयावहता सामने ला दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बिगड़ते हालात और संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने नेपाल गए प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर निगरानी और राहत प्रयास तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर राज्य सरकार लगातार नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों से संपर्क बनाए रखने में जुटी है।

अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ से जुड़े 9 नागरिकों की स्थिति का पता चला है। इनमें 5 नागरिक सुरक्षित हैं और रायपुर लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं। वहीं दो नागरिकों के संबंध में उनके परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया है। दूसरी ओर बिलासपुर और सरगुजा से जुड़े दो नागरिकों के अब भी लापता होने की सूचना है। सरकार संबंधित एजेंसियों और नेपाल प्रशासन के साथ समन्वय कर उनकी तलाश और स्थिति की पुष्टि के प्रयास कर रही है।

आपदा के बीच संपर्क बना सबसे बड़ी चुनौती

नेपाल के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर आवागमन और संचार व्यवस्था प्रभावित होने से वहां मौजूद लोगों से संपर्क स्थापित करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के नागरिकों से जुड़ी प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के माध्यम से जानकारी जुटाने की प्रक्रिया तेज की है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक स्तर पर नेपाल में मौजूद नागरिकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार का प्रयास है कि किसी भी नागरिक के संबंध में सूचना मिलने पर उसका सत्यापन किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल संबंधित एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जाए।

मोनिका यादव के परिजनों से संपर्क, स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही

रायपुर के महादेव घाट निवासी मोनिका यादव 22 अगस्त को नेपाल गई थीं। नेपाल में बाढ़ के बाद उनसे संपर्क टूटने और उनके लापता होने की सूचना सामने आने के बाद उनके परिवार की चिंता बढ़ गई थी।

प्रशासन के अनुसार अब मोनिका यादव के परिजनों से संपर्क स्थापित हो चुका है। उनकी स्थिति से संबंधित जानकारी जुटाने और उपलब्ध सूचनाओं का सत्यापन करने के लिए संबंधित स्तर पर समन्वय किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि उनके संबंध में जल्द से जल्द स्पष्ट और प्रमाणित जानकारी सामने आए।

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई मंजू की भी मिली जानकारी

बिलासपुर की 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। आपदा के बीच उनकी स्थिति को लेकर भी परिजनों में चिंता थी। प्रशासन ने उनके संबंध में भी जानकारी जुटाते हुए परिजनों से संपर्क स्थापित किया है।

मंजू राय चौधरी के संबंध में प्राप्त जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक समन्वय जारी है।

बिलासपुर की प्रियंका और सरगुजा की डॉ. मीना अब भी लापता

आपदा के बीच दो नागरिकों की स्थिति अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। बिलासपुर निवासी 39 वर्षीय प्रियंका चौधरी के नेपाल में लापता होने की सूचना है। वे फिनलैंड की नागरिक हैं। उनके परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर प्रशासन संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है। उनकी सुरक्षित तलाश के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी तरह सरगुजा निवासी डॉ. मीना गुप्ता, जो यूनाइटेड किंगडम की नागरिक हैं, के भी नेपाल में लापता होने की सूचना है। उनका अंतिम ज्ञात स्थान रसुवागढ़ी इमिग्रेशन कार्यालय, नेपाल-चीन सीमा बताया गया है। उनकी स्थिति का पता लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।

रायपुर के पांच नागरिक सुरक्षित, वापसी के लिए रवाना

इस बीच राहत की खबर यह है कि रायपुर के माना क्षेत्र से जुड़े पांच नागरिक सुरक्षित हैं और छत्तीसगढ़ लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं। इनमें दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर शामिल हैं।

सभी पांचों नागरिक 21 अगस्त को नेपाल गए थे। आपदा के बीच उनके सुरक्षित होने की पुष्टि से परिजनों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है। उनकी वापसी की प्रक्रिया पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है।

हर सूचना पर सरकार की नजर, नेपाल प्रशासन से लगातार समन्वय

प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने केवल नागरिकों की स्थिति जानने तक अपने प्रयास सीमित नहीं रखे हैं, बल्कि नेपाल प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा है। जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है, ताकि किसी भी जरूरतमंद नागरिक तक सहायता पहुंचाई जा सके।

सरकार की प्राथमिकता इस समय नेपाल में मौजूद छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सुरक्षा, सही लोकेशन की जानकारी और उनके परिवारों तक विश्वसनीय सूचना पहुंचाना है। प्रशासन प्रत्येक उपलब्ध सूचना का सत्यापन कर आगे की कार्रवाई कर रहा है।

संकट की घड़ी में सरकार का भरोसा

नेपाल की प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को चिंता और अनिश्चितता के बीच ला खड़ा किया है। ऐसे समय में राज्य सरकार ने प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों को भरोसा दिलाया है कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और नागरिकों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

सरकार ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि नेपाल गए किसी छत्तीसगढ़वासी के संबंध में कोई महत्वपूर्ण जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि सूचना को संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

आपदा के बीच राहत की उम्मीद

एक ओर नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन ने हालात चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सरकार की सक्रिय निगरानी से सुरक्षित नागरिकों की वापसी और लापता लोगों की तलाश की उम्मीद बनी हुई है। फिलहाल प्रशासन की नजर नेपाल में मौजूद प्रत्येक नागरिक की स्थिति पर है और लापता दोनों नागरिकों की सुरक्षित जानकारी मिलने का इंतजार किया जा रहा है।

हेल्पलाइन:
टोल फ्री – 1070
कंट्रोल रूम – 0771-2223471

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