
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी सत्ता से बाहर होने के बाद राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश सरकार और जनजाति समाज को लेकर भ्रामक एवं विवादित नैरेटिव तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं और सोशल मीडिया पदाधिकारियों द्वारा कथित रूप से किए जा रहे इस तरह के प्रचार से समाज में आक्रोश की स्थिति निर्मित हो रही है और इसका असर सामाजिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था पर पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री को लेकर कथित आपत्तिजनक पोस्ट का भी आरोप
ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जो आदिवासी समाज से आते हैं, उनके संबंध में भी सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अपमानजनक पोस्ट किए गए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत के प्रभाव अथवा शह पर प्रदेश कांग्रेस के सोशल मीडिया पदाधिकारियों द्वारा इस प्रकार की सामग्री प्रसारित की गई, जिससे जनजाति समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि जनजाति समाज को लेकर किसी भी राजनीतिक दल या उसके पदाधिकारी द्वारा आपत्तिजनक टिप्पणी को केवल राजनीतिक बयानबाजी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर सोशल मीडिया पोस्ट के मूल स्रोत, उसे तैयार करने और प्रसारित करने वालों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

चुनावी पराजय के बाद बदले की राजनीति का आरोप
देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले चुनाव में मिली राजनीतिक पराजय के लिए कांग्रेस द्वारा जनजाति समाज को जिम्मेदार मानकर बदले की भावना से इस तरह की गतिविधियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से सोशल मीडिया के जरिए आदिवासी समाज के बीच भ्रम, असंतोष और आक्रोश पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, ये आरोप भाजपा प्रतिनिधिमंडल की ओर से लगाए गए हैं। शिकायत में जिन सोशल मीडिया पोस्ट का उल्लेख किया गया है, उनकी वास्तविकता, स्रोत और कानूनी प्रकृति का निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायत पत्र में कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए जिम्मेदार कांग्रेस के राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर के सोशल मीडिया पदाधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
साथ ही भाजपा एवं सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कांग्रेस से इस मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर कांग्रेस द्वारा सार्वजनिक माफी नहीं मांगी जाती है, तो आदिवासी समाज की ओर से कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
सर्व आदिवासी समाज की भी रही भागीदारी
शिकायत सौंपने के दौरान भाजपा के साथ सर्व आदिवासी समाज के विभिन्न पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में अमाय नागवंशी, डोंडी हीरा ठाकुर, हल्बा आदिवासी समाज की अध्यक्ष मोहन्तिन चोरका, हल्बा समाज अध्यक्ष निरंजन पटौदी, गोंड समाज तहसील उपाध्यक्ष डोमार नेताम, गोंड समाज लोहारा अध्यक्ष जीवराखन भुआर्य, लोहारा हल्बा समाज उपाध्यक्ष मदन महला, हल्बा समाज सर्किल अध्यक्ष रूपेश नायक, संजू मानकर, शिवराम सिन्द्रामे, साधना सोरी, डोमेन्द्र टेकाम सहित बालोद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मामले में अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित सोशल मीडिया पोस्ट की जांच के बाद आगे की कार्रवाई करती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।











