पुलिस के मुताबिक ग्राम सोंहपुर निवासी मिथलेष कुमार साहू ने 20 अगस्त 2026 को किसानों के साथ थाना गुरूर पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अप्रैल 2026 में हितेश्वर मण्डावी और भानुप्रताप सिन्हा ग्राम सोंहपुर पहुंचे थे। उन्होंने इमेन्द्र कुमार ठाकुर के माध्यम से किसानों से संपर्क कर बाजार से अधिक कीमत पर अनाज खरीदने की बात कही। इसके बाद किसानों से अनाज पिकअप वाहन में भरवाकर ले जाया गया, लेकिन बाद में उसकी राशि का भुगतान नहीं किया गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार उसने 20.91 क्विंटल चना करीब 5,200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आरोपियों को दिया था, जिसकी लगभग 1 लाख 8 हजार रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसी तरह सोंहपुर के अन्य 12 किसानों से चना, अरहर, लाखड़ी और बटरी सहित करीब 5 लाख 74 हजार 500 रुपये का अनाज लिया गया।
वहीं ग्राम रमतरा के करीब 12 किसानों से भी आरोपियों ने विभिन्न प्रकार का अनाज खरीदा, जिसकी कुल कीमत लगभग 5 लाख 5 हजार रुपये बताई गई है। इस तरह दोनों गांवों के करीब 25 किसानों से कुल 10 लाख 79 हजार 500 रुपये का अनाज खरीदकर उसका भुगतान नहीं किया गया।
शिकायत के आधार पर गुरूर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने भानुप्रताप सिन्हा और इमेन्द्र कुमार ठाकुर को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों के अपराध में संलिप्त होने की जानकारी सामने आने पर विधिवत मेमोरेण्डम कथन दर्ज किया गया। आरोपी भानुप्रताप सिन्हा के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन भी जब्त किया गया।
अपराध में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को 21 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर सीजेएम न्यायालय बालोद के समक्ष पेश किया। न्यायालय के आदेश पर दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं फरार आरोपी हितेश्वर मण्डावी की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है।
मामले की जांच एवं विवेचना में निरीक्षक मुकेश सिंह, सहायक उपनिरीक्षक कुलेश्वर यादव, आरक्षक पिताम्बर निषाद, कोमल साहू, पुलेश कटेन्द्र और विवेक सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।











