प्रदेश में प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में स्वैच्छिक रूप से आयोजित होने वाले ‘न्योता भोज’ की तर्ज पर हायर सेकेंडरी विद्यालय में इस तरह की पहल को सभी ने सराहा। इसे विद्यालय के इतिहास का एक अनूठा और प्रेरणादायक आयोजन माना जा रहा है।

मयंक साहू, ग्राम चिल्हाटीकला के निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2016 में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बड़गांव से गणित संकाय में बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दुर्ग स्थित रूंगटा कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर उनका चयन जल संसाधन विभाग में सब इंजीनियर के पद पर हुआ और वर्तमान में उनकी पदस्थापना सुकमा जिले में है।
अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय और शिक्षकों को देते हुए मयंक ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के बाद अपनी जड़ों और गुरुजनों को नहीं भूलना चाहिए। इसी भावना के साथ उन्होंने विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ समय बिताया और उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अनुशासित जीवनशैली और आत्मविश्वास के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य जे.के. उइके ने मयंक साहू एवं उनके पालक का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय के लिए इससे बड़ा गौरव का क्षण नहीं हो सकता, जब उसका पूर्व छात्र अपनी मेहनत के दम पर उच्च पद प्राप्त करे और फिर उसी विद्यालय में लौटकर नई पीढ़ी को प्रेरित करने का कार्य करे। ऐसी पहल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करती है।
विद्यालय परिवार, शिक्षकों, विद्यार्थियों और उपस्थित अभिभावकों ने मयंक साहू की उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी ने इस पहल को समाज और शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि यदि सफल पूर्व छात्र समय-समय पर अपने विद्यालयों से जुड़कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करें, तो इससे ग्रामीण अंचलों के बच्चों में भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास विकसित होगा।




















