इस महत्वपूर्ण परियोजना को शहर की स्वच्छता व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक शहरी विकास की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है। टेंडर जारी होने की खबर के बाद जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहरवासियों में उत्साह का माहौल है।

नगर पालिका के पार्षद एवं जलकार्य विभाग के पूर्व सभापति दीपक लोढा ने इस बड़ी सौगात के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री Manohar Lal Khattar, मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai तथा उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री Arun Sao के प्रति आभार व्यक्त किया।
दीपक लोढा ने बताया कि वर्तमान में शहर के विभिन्न वार्डों और मुख्य नालों से निकलने वाला दूषित पानी बिना किसी उपचार के सीधे जल स्रोतों और निचले इलाकों में पहुंच रहा है। इससे भूजल प्रदूषण, दुर्गंध, गंदगी और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा था। विशेषकर बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती थी।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के मानकों के अनुरूप बनने वाला यह अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शहर के गंदे पानी को आधुनिक मैकेनिकल एवं बायोलॉजिकल तकनीक से उपचारित करेगा। उपचारित पानी का उपयोग नगर पालिका द्वारा पार्कों की सिंचाई, सड़कों की सफाई, फायर ब्रिगेड और अन्य निर्माण कार्यों में किया जाएगा। इससे एक ओर जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं पेयजल की अनावश्यक बर्बादी भी रुकेगी।
पार्षद लोढा ने विश्वास जताया कि परियोजना पूरी होने के बाद बालोद शहर स्वच्छता रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार दर्ज करेगा और नागरिकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण मिलेगा।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि यह महत्वाकांक्षी परियोजना समय पर धरातल पर उतर सके।




















