
जानकारी के अनुसार सुखराम सलाम जलाशय में बने गेज क्षेत्र में मछलियों को दाना डालने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची तथा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
बताया जा रहा है कि मजदूर को बिना किसी सुरक्षा उपकरण और लाइफ जैकेट के पानी में भेजा गया था। सूत्रों के मुताबिक बुजुर्ग मजदूर ने पानी में जाने को लेकर आशंका भी जताई थी, लेकिन इसके बावजूद उसे कार्य के लिए भेजे जाने की बात सामने आ रही है। घटना के बाद मछली पालन कार्य से जुड़े ठेकेदार की लापरवाही को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

एसडीआरएफ दुर्ग की टीम ने जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई करते हुए घटनास्थल के लिए रवाना हुई। एसडीआरएफ प्रभारी ईश्वर खरे के मार्गदर्शन में डिप डाइविंग एक्सपर्ट राजकुमार यादव ने जलाशय में उतरकर गहन सर्च ऑपरेशन चलाया और शव को बाहर निकाला। बाद में शव को पुलिस के सुपुर्द किया गया।
रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ टीम के सदस्य हबीब खान, विनय, राजू महानंद, आशीष, ओंकार, दिनेश, गोपी और सूरज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं तथा कार्य के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही हुई है या नहीं। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है।




















