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बालोद में सियासी साजिश का आरोप: अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश मंत्री अकबर तिगाला ने भाजपा नेता पर साधा निशाना, सुरक्षा की मांग

बालोद। जिले की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है, जहां अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री अकबर तिगाला ने अपने खिलाफ सुनियोजित साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में थाना प्रभारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाया है कि कुछ भाजपा से जुड़े लोग उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार झूठा प्रचार कर रहे हैं। 

शिकायत में अकबर तिगाला ने उल्लेख किया है कि 25 अप्रैल 2026 को एक निजी विवाद को जानबूझकर राजनीतिक रूप दिया गया। उनका कहना है कि ताहिर ताज और उनके सहयोगी द्वारा इस पूरे घटनाक्रम को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और यूट्यूब—पर उनके खिलाफ भ्रामक वीडियो और पोस्ट प्रसारित किए गए। इससे उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के साथ-साथ राजनीतिक छवि को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। 

अकबर तिगाला का आरोप है कि यह मामला पूरी तरह निजी था, लेकिन इसे साजिश के तहत सार्वजनिक और राजनीतिक मुद्दा बनाकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि इस अभियान के पीछे कुछ प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों का समर्थन हो सकता है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है। 

उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि लगातार चल रहे इस दुष्प्रचार और आरोपों के कारण वे मानसिक रूप से प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं और उन्हें अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस हो रहा है। अकबर तिगाला ने आशंका जताई है कि उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम देने या झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश भी की जा सकती है।

शिकायत में उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ मानहानि, धमकी और आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक सामग्री को तत्काल हटाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही है। इसके अलावा उन्होंने स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया है। 

इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस प्रशासन इस संवेदनशील मामले में किस तरह से कार्रवाई करता है और आरोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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