
आवेदन से उजागर हुई जमीनी हकीकत
सरपंच द्वारा कलेक्टर कार्यालय बालोद को सौंपे गए आवेदन पत्र में स्पष्ट बताया गया कि ग्राम ओरमा के आश्रित गांवों में नहर निर्माण के बाद खेतों तक पहुंचने वाला मार्ग पूरी तरह खराब हो चुका है। जर्जर रास्ते के कारण किसानों को खेती-किसानी कार्य, वाहन आवागमन और फसल परिवहन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि जल संसाधन विभाग द्वारा अब तक किसानों के लिए वैकल्पिक और सुगम मार्ग की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।

शिकायत के बाद विभाग तुरंत सक्रिय
सुशासन दिवस में शिकायत उठने और आवेदन प्रस्तुत होते ही जल संसाधन विभाग हरकत में आ गया। विभागीय अधिकारियों ने सरपंच मंजूलता साहू से संपर्क कर स्थल निरीक्षण के लिए चर्चा की और समस्या के शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया।
सरपंच की सक्रियता बनी समाधान की उम्मीद
सरपंच मंजूलता साहू की सक्रिय पहल के चलते वर्षों से लंबित किसानों की यह समस्या अब प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल हो गई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही बघमरा माइनर से ओरमा माइनर मार्ग का सुधार कार्य शुरू होगा, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की अनदेखी अक्सर किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता ही प्रशासन को जमीन की वास्तविक स्थिति से अवगत कराती है। इस मामले में भी समय पर उठाई गई आवाज अब समाधान की दिशा में बढ़ती नजर आ रही है।




















