कई बसों में कांच नहीं, तो कई बसों में बैक लाइट नहीं
परिवहन विभाग का मुख्यालय में होने के बाद भी यहां खुलेआम नियमों की अनदेखी की जा रही है। बालोद शहर के बस स्टैंड से ऐसी बसें संचालित होती दिख जाएंगी जिनके शीशे फूटे हुए हैं, बैक लाइट जलती नहीं है, इमजेंसी गेट खुलता नहीं है। स्पीड गर्वनर सिर्फ दिखावे के लिए, बसें 80 और 100 की स्पीड से दौड़ती मिल जाएंगी। यात्रियों की क्षमता से ज्यादा माल लदा होता है। ये बसें दिनभर सडक़ों पर दौड़ती मिल जाएंगी। विभाग को भी हादसे के बाद चेकिंग की याद आती है।
यात्रियों की सुविधा की भी कोई व्यवस्था नहीं
नियमानुसार बसों में यात्रियों की सुविधाओं के व्यवस्था करने का नियम है, जिसमें अग्निशमक यंत्र, फस्र्ट बॉक्स, स्पीड गर्वनर, पेनिक बटन आदि की व्यवस्था होना चाहिए, लेकिन शहर में जो बसें चल रही है उनमें कुछ बसों में यह सामान है नहीं और जिन बसों में है वह उपयोग लायक नहीं।
यात्री बसों में ये सुविधाएं जरूरी
*वाहनों में लगे हो जीपीएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरे*
*पन्द्रह साल से पुराना वाहन नहीं होना चाहिए*
*ड्राइवर और कंडक्टर निर्धारित गणवेश में हो*
*नेमप्लेट पर उनका नाम और नंबर दर्ज हो।*
*वाहन में पुलिस सहायता के नंबर लिखे होना चाहिए*
*सभी यात्री वाहन में हो एमरजेंसी गेट और फस्टटेड बाक्स*
*वाहन में पूरा रूट और उस अनुसार किराया सूची लगी हो*
इनके अलावा बस स्टाफ की किसी भी हरकत की जानकरी के लिए संबंधित अधिकारी के नंबर सहित अन्य कई सुविधाएं जरूरी है।
आपको बतादे अनफिट बसों के खुलेआम सड़को पर फर्राटे भरने के मामले में प्रदेशरूची ने खबर प्रकाशित की थी लेकिन खबर प्रकाशन के बाद भी बालोद जिले के सड़क परिवहन विभाग तथा यातायात विभाग की नींद तो नही खुली बल्कि बस संचालक बस को बस स्टैंड से निकालकर अन्य रास्तों से पैसेंजर को ले जाने के काम में जुटा रहा ।
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“वही मामले को लेकर बालोद जिले के सड़क परिवहन अधिकारी ओ पी रावटे से मामले को लेकर चर्चा पर कहा गया कि फ्लाइंग टीम बुलाया गया है आज कल में टीम आने के बाद संयुक्त रूप से एक साथ जांच कर कार्यवाही कि जायेगी”

देखना होगा पूरे मामले को लेकर जिले के सड़क परिवहन एवं यातायात विभाग कब तक मामले की गंभीरता को समझ पाती है और अपनी कमाई के लिए आम लोगो के जीवन को खतरे में डालकर खुलेआम यातायात नियमों का उलंघन करने वाले ऐसे वाहनों पर कार्यवाही कर पाती है