
बालोद।जिले में बड़ी संख्या में लोग सड़क दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। यातायात पुलिस की उदासीनता व लोगों में जागरूकता के अभाव में सड़क दुर्घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। इसके चलते लोगो की जान सड़क दुर्घटना में जा रही है। जिले में इस वर्ष जनवरी से लेकर फरवरी माह तक 54 सड़क दुर्घटनाएं हुई है जिसमें 31 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 50 से अधिक लोग धायल हो चुके है। इस तरह औसत रोज एक व्यक्ति सड़क दुर्धटना का शिकार हो रहे है । जिले की सड़कों पर लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही है। तेज रफ्तार वाहनों के कहर से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही है।
घटनाओं के बाद भी लोग नहीं चेत रहे
इतनी घटनाओं के बाद भी लोग नहीं चेत रहे हैं। जिला पुलिस विभाग व यातायात विभाग द्वारा वर्ष में एक बार लोगों को जागरूक करने के लिए यातायात के नियम की जानकारी देने सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जाता हैं।सड़क सप्ताह के दौरान लोगो को नशे की हालत एवं तेज रफ्तार से वाहन न चलाने सहित और भी नियमों की जानकारी दिया जाता हैं। आखिरकार इन नियमों का पालन वाहन चालकों को ही करना है, लेकिन उनकी लापरवाही के कारण ही उन्हें बड़ा नुकसान हो रहा है। इसी वजह से 51दिनों में 54 सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 31 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
दो माह में 54 हादसों में 31 लोगों ने गंवाई जान और 50 से अधिक हुए घायल
आंकड़ों के मुताबिक अधिकतर सड़क दुर्घटनाएं शराब के नशे में हुई है जिनके कारण मौत भी हुई है। लगातार सड़क दुर्घटनाओं के बाद भी वाहन चालक नहीं चेत रहे हैं। लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाने के कारण अपने परिवार से हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं। जनवरी से लेकर फरवरी के 54 दिनों में ही 54 हादसे हुए। इसमें 31 की मौत हो गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसों की एक वजह अंधा मोड़ में सावधानी नहीं बरतना भी सामने आया है।
ज्यादा मौत बिना हेलमेट और नशे में वाहन चलाने से
यातायात विभाग के मुताबिक अधिकतर सड़क दुर्घटनाओं में सबसे ज्यादा मौत शराब के नशे में और बिना हेलमेट वाहन चलाने से सिर में गंभीर चोट लगने से होती है। पुलिस जागरूकता अभियान में वाहन चालकों को हेलमेट का उपयोग करने एवं वाहन सामान्य गति से चलाने व शराब के नशे में वाहन नहीं चलाने की समझाइश देती है। इसके बाद भी वाहन चालक मनमानी व लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हैं।
बालोद जिले में सड़क हादसे में हो रही लगातार मौते
बुधवार 21 फरवरी को ही सड़क दुर्घटना के चलते दो युवकों की मौत हो गई। पहली घटना ग्राम गुजरा जमही मोड़ के समीप हुई जहां एक कार को ट्रक ने अपनी चपेट में लिया जिसमें कार चालक युवक की मौके पर ही मौत हो गई वहीं ग्राम मटकासा के समीप दो मोटर सायकल आपस में टकराने से जिला मुख्यालय समीप स्थित ग्राम सिवनी के एक युवक जगमोहन पटेल उम्र 35 वर्ष की मौत हो गई।अज्ञात ट्रक की चपेट में आने से शुक्रवार 16 फरवरी को ग्राम गोटूलमुंडा के समीप दो सगे भाईयों की मौत हुई थी। फरवरी माह के महज 23 दिनों में ही जिले में लगभग 20 सड़क दुर्घटनाओं में 13 लोगों की असमय ही मौत हो गई वहीं अलग-अलग घटनाओं में 34 लोग घायल हुए हैं। इसके पूर्व जनवरी माह में हुए लगभग 34 वाहन दुर्घटनाओं में 18 लोगों की मौत हुई है तथा 30 घायल हुए हैं। इस प्रकार महज एक माह 23 दिनों में ही 54 सड़क दुर्घटनाओं का मामला सामने आया है। जिसमें अब तक 31 लोगों की जान चली गई तथा 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।