इस कार्यशाला में विशेष सचिव स्कूल शिक्षा विभाग एवं डायरेक्टर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण राजेश सिंह राणा ने कार्यशाला में उपस्थित होकर तैयार की जा रही सामग्रियों की समीक्षा करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया। इस कार्यशाला में सहभागी स्रोत व्यक्तियों ने अपने अपने विचारों को साझा भी किया।
प्रधान पाठिका हर्षा शर्मा ने बताया कि इस कार्यशाला में मुख्य रूप से किशोर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य , नशे की लत, सोशल मीडिया, इंटरनेट , तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग तथा पूर्व में श्रेष्ठ पालकत्व पर तैयार की गई सामग्रियों की उपयोगिता को लेकर सार्थक चर्चा की गई। इसके साथ ही विविध प्रकार की अन्य प्रेरक – रोचक गतिविधियां तैयार की गई । जिनके माध्यम से पालकों को बेहतर भूमिका निभाने में लाभ प्राप्त होगा ।
इस कार्यशाला का कुशल संयोजन एवं संचालन दिनेश कुमार टांक,सहायक संचालक, राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में यूनिसेफ छत्तीसगढ़ शिक्षा विशेषज्ञ छाया कुंवर ने अपना मार्गदर्शन प्रदान किया । यूनिसेफ की ओर से मनीषा वत्स और विकास सिंह भदोरिया ने विशेष सहयोग प्रदान किया । बालोद जिला से प्रधान पाठक हर्षा शर्मा के अलावा राज्य के अन्य जिलों से कई शिक्षाविद एवं इस क्षेत्र में कार्य कर रहे बुद्धिजीवियों ने इस कार्यशाला में सहभागिता निभाई।