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रसोइया संघ का बजट में मानदेय 300 बढ़ा.. तब भी नई बनी बात..रसोइए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

बालोद, मध्याह्न भोजन रसोइया संयुक्त संघ अपनी मांगों को लेकर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। नियमितीकरण, मानदेय बढ़ाने एवं स्कूलों में गैस सिलेंडर की व्यवस्था करने, कलेक्टर दर पर मानदेय देने सहित अन्य मांगों को लेकर बुधवार को जिला मुख्यालय के नया बस स्टैंड स्थित टैक्सी स्टैंड में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल से जिले भर के प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में व्यवस्था लडखड़़ा गई है। कई स्कूलों में मध्याह्न भोजन बना। कई जगह नहीं बना। विद्यार्थियों को भूखे रहना पड़ा या फिर उन्हें भोजन करने घर आना पड़ा।रसोइया संघ का कहना है कि शासन ने रसोइयों के मानदेय को मात्र 300 रुपए बढ़ाया है, जिससे संघ के सदस्य शासन से नाराज हैं। जिले भर के 2553 रसोइए हड़ताल पर चले गए हैं।

संघ ने कहा कि इतने दिनों से हम काम कर रहे हैं, लेकिन सरकार हमारी मांगों पर कोई ध्यान ही नहीं दे रही है, जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।हड़ताल से कई स्कूलों में चूल्हा तक नहीं जला। कई स्कूलों ने बच्चों को भोजन के लिए घर भेजा, लेकिन कई बच्चों के घर उनके पालक खेत व अन्य जगह चले गए थे। घर में ताला लटका देख बच्चे वापस स्कूल आए। इस तरह की स्थिति कई स्कूलों में देखने को मिला।
संघ ने कहा कि हमारी मांग जायज है, जिसे सरकार अनिवार्य रूप से पूरा करे। संघ ने कहा कि इतने वर्षों से हम ईमानदारी से मध्याह्न भोजन बना रहे हैं। हमारी मांगों को पूरा कराने की बारी आई तो सिर्फ आश्वासन मिला। रसोइयों को सिर्फ 50 रुपए प्रतिदिन रोजी दी जा रही है। वहीं बजट में सरकार ने रसोइयोंं के मानदेय को मात्र 300 रुपए बढ़ाया है, जो न के बराबर है।महिला रसोइयोंं ने कहा कि कई स्कूलों में किचन शेड टूट गए हैं। भारी बारिश होने पर किचन शेड में पानी आता है, जहां धुआं निकलने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। ऐसे में धुआं से भी परेशानी होती है। साथ ही कई और समस्या रसोइयों को होती है। आज तक किचन शेड निर्माण पर ध्यान नहीं दिया गया।

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