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*ग्रामीणो को सिचाई सुविधा देने पूर्व सरकार के कार्यकाल में बोरवेल कराया गया..लेकिन दो सालों से बंद बोरवेल पर नही दिया जा रहा ध्यान…ग्रामीणो के शिकायत के बाद भी अधिकारी नही दे रहे ध्यान… बालोद जिले के इस गांव का मामला*

बालोद-एक ओर सरकार किसानों की सुविधा बेहतर बनाने का दावा कर खेतों की सिंचाई के लिए खेतो तक बिजली पहुंचा रही है।जिससे किसान कम लागत में बिजली से अपनी फसलों की सिचाई कर सके। वहीं दूसरी ओर सिचाई के लिए क्षेत्र के कई गांवो में लाखो रुपये खर्च कर सरकारी नलकूप स्थापित कराये गए थे, लेकिन बालोद ब्लाक के ग्राम बोरी में खार मे सरकारी नलकूप बदहाल होकर केवल सफेद हाथी साबित हो रहे है।सरकार द्वारा दशकों पूर्व स्थापित कराए गए सरकारी नलकूप से किसानों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।बालोद ब्लाक के ग्राम बोरी के किसान जानकी बाई के खेत मे लगे नलकूप लगभग दो साल से अधिक समय से बंद पड़े हुए हैं।ग्राम बोरी के 15 किसानो को बारिश के पानी के भरोसो खेतो की सिचाई करने को मजबूर हैं। जबकि पूर्व के वर्षों में क्षेत्र के किसान 20 एकड़ खेतों की सिंचाई शासकीय नलकूप करते थे। वहीं इससे सरकार को भी राजस्व का फायदा होता था।वही इस मामले पर सिचाई विभाग और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से बात किया गया तो अधिकारी द्वारा हमारे विभाग के अंतर्गत नही आने की बाते कहकर पल्ला झाड़ते नजर आए।

दो वर्ष से बंद हैं सरकारी नलकूप

ग्राम बोरी में स्थापित यह नलकूप तकनीकी खराबी के चलते दो वर्षों से बंद पड़ा हुआ हैं। क्षेत्रीय किसान गंगाराम ने बताया कि सरकारी नलकूप बिगत दो साल से खराब होने से किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए तमाम दिक्कतें उठानी पड़ रही है। सरकारी नलकूप जीर्ण शीर्ण अवस्था मे खराब पड़ा हुआ हैं।नलकूप की खराबी के चलते भी यह नलकूप किसानों की मुसीबत का सबब बन गया हैं।

शिकायत पर भी नहीं हो रही सुनवाई

बालोद ब्लाक के ग्राम बोरी क्षेत्र में लगा शासकीय नलकूप लगभग दो वर्ष से खराब पड़ा है। ग्रामीणों ने इसे चालू कराने के लिए कई बार ब्लॉक से लेकर जिले स्तर तक शिकायत की। लेकिन आज तक नलकूप नहीं बन पाया है। क्षेत्रीय किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। किसान शिकायत करके थक चुके हैं। कोई सुनवाई नहीं हो रही है।सिंचाई के उचित साधन नहीं होने से खेती करना मुश्किल साबित हो रहा है। गांव के किसान गंगाराम के मुताबिक खेतो में सिचाई के लिए बारिश पर पूरी तरह निर्भर हो गए है।

सिंचाई के अभाव में खराब हो गई धान की फसल

 

किसान जमुना प्रसाद,जानकी बाई,शंकर लाल,शीतल राम,लोचन राम ने बताया की खेत की नलकूप खराब हो गई थी। पास में कोई भी सिंचाई का साधन नहीं है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल खराब हो गई। नलकूप सही होता तो नुकसान नहीं होता। अधिकारी सरकार की मंशा के विपरीत काम कर रहे हैं। किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है।किसानो ने बताया कि नलकूप खराब होने से किसानों की 29 एकड़ फसल पर्याप्त सिंचाई नहीं होने से प्रभावित हो रही है।बालोद तक अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद नलकूप नहीं बन पाया है। किसानों ने बताया कि नलकूप शो-पीस बनकर रह गया है। इसको खराब हुए दो वर्ष से ऊपर हो गए हैं। सिंचाई के पर्याप्त साधन न होने किसानों की फसलों की उपज अच्छी नहीं होती है।

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