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छह दिन बाद झमाझम बारिश से बदला बालोद का मौसम, अगले तीन दिन भी बारिश के आसार…किसानो के चेहरे की लौटी रौनक

भादो की बारिश से शहरवासियों को उमस से राहत, धान की फसल के लिए संजीवनी; 11-12 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

बालोद। भादो माह में लंबे इंतजार के बाद गुरुवार शाम मौसम ने करवट ली और बालोद शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब छह दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को शाम को हुई तेज बारिश ने बड़ी राहत दी। करीब डेढ़ घंटे तक लगातार हुई बारिश से शहर की सड़कें पानी से तरबतर हो गईं और मौसम में ठंडक घुल गई। इस बीच मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक जिले में बारिश का दौर बने रहने की संभावना जताई है, जिससे किसानों को भी राहत की उम्मीद है।

गुरुवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। वातावरण में नमी बनी हुई थी और उमस का असर महसूस हो रहा था। शाम होते-होते बादलों ने तेज बरसना शुरू किया और देखते ही देखते बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। लगातार हुई बारिश से शहर का मौसम पूरी तरह बदल गया। पिछले कई दिनों से तेज धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों ने बारिश के बाद राहत महसूस की।

छह दिनों से बारिश का था इंतजार

क्षेत्र में करीब छह दिनों से बारिश नहीं होने के कारण दिन में तेज धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। बारिश के अभाव में वातावरण में नमी तो बनी हुई थी, लेकिन गर्मी और उमस से राहत नहीं मिल रही थी। ऐसे में गुरुवार शाम हुई झमाझम बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। बारिश के बाद तापमान में गिरावट महसूस हुई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।

 

अगले तीन दिन भी बना रहेगा बारिश का दौर

भारत मौसम विज्ञान विभाग के बालोद पूर्वानुमान के अनुसार 11 और 12 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश या गरज-चमक की संभावना है। वहीं 13 सितंबर को हल्की बारिश या गरज-चमक हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

यानी गुरुवार की बारिश के बाद मौसम पूरी तरह खुलने के बजाय अगले कुछ दिनों तक बादलों और बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इससे तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना कम है और उमस से भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

धान की फसल के लिए राहत की बारिश

इस समय खेतों में धान की फसल बढ़वार के दौर में है। लगातार उमस और बीच-बीच में तेज धूप निकलने के कारण कुछ क्षेत्रों में फसल में बीमारी का प्रकोप बढ़ने से किसान परेशान हैं। कई किसान फसल को बीमारी से बचाने के लिए खेतों में दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं।

ऐसे समय में हुई बारिश को धान की फसल के लिए राहतकारी माना जा रहा है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से फसल की बढ़वार को फायदा मिलने की उम्मीद है। यदि आगामी दिनों में भी जरूरत के मुताबिक बारिश होती रही तो इसका सीधा लाभ धान की फसल को मिल सकता है।

बारिश ने किसानों के साथ शहरवासियों को भी दी राहत

भादो माह में धान की फसल के लिए पर्याप्त नमी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। छह दिनों के अंतराल के बाद हुई बारिश से किसानों को जहां खेतों में नमी मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं शहरवासियों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।

हालांकि बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कों पर पानी बहता नजर आया। बाजार और प्रमुख मार्गों पर कुछ समय के लिए आवाजाही भी प्रभावित हुई। इसके बावजूद लंबे इंतजार के बाद हुई बारिश लोगों के लिए राहत लेकर आई। अब मौसम विभाग के अगले तीन दिनों के पूर्वानुमान ने किसानों की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। यदि 11 से 13 सितंबर के बीच बारिश का सिलसिला बना रहता है, तो धान की फसल के लिए यह दौर काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

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