कांग्रेस ने जर्जर सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा, मुख्यमंत्री का पुतला फूंका; अभिषेक शुक्ला बोले—‘धरना नहीं, अपनी नाकामियों का प्रायश्चित करें विधायक’
बालोद/देवरी। देवरी–मार्रीबंगला क्षेत्र में जर्जर सड़कों और लंबित विकास कार्यों को लेकर रविवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देवरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी बारिश के बीच बस स्टैंड देवरी में विधानसभा स्तरीय धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद बस स्टैंड मार्रीबंगला में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन कर चक्काजाम किया गया। कांग्रेस ने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं और लंबित विकास कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृति देने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी डौंडीलोहारा शिवनाथ बघेल को सौंपा।
वहीं, कांग्रेस के आंदोलन के बाद भाजपा नेता एवं बालोद जिला पंचायत के पूर्व सभापति अभिषेक शुक्ला ने पलटवार करते हुए गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद पर निशाना साधा। उन्होंने आंदोलन को कांग्रेस की राजनीतिक अवसरवादिता बताते हुए कहा कि जिन समस्याओं को लेकर आज विधायक धरना दे रहे हैं, उन पर कांग्रेस शासन के दौरान उन्होंने क्या ठोस काम किया, इसका जवाब जनता को देना चाहिए।

दर्जनों सड़कों और पुल-पुलियों की स्वीकृति की मांग
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देवरी के अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कहा कि देवरी एवं मार्रीबंगला क्षेत्र की जनता लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासन समस्याओं के प्रति संवेदनहीन बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र की सड़कें बदहाल हैं तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था भी प्रभावित है।
गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद ने क्षेत्र की विभिन्न सड़कों एवं पुल-पुलियों के निर्माण और मरम्मत की मांग उठाई। इनमें पसौद–झिटिया–केंवटनवागांव, पीपरखार–कन्याडबरी–खामतराई, रींवागहन–गणेशखपरी–रतनभाट, करमरी–मनकी–खामतराई, देवरी–खेरथा–महरूम–डोंगरगांव सहित कई मार्ग शामिल हैं। कांग्रेस ने देवरी से मार्री, गणेशखपरी तथा खैरा–गहिरानवागांव के मध्य पुलिया निर्माण सहित अन्य लंबित कार्यों की भी प्रशासकीय स्वीकृति की मांग की।
विधायक निषाद ने कहा कि अनेक गांवों के ग्रामीण जर्जर सड़कों पर जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। उन्होंने पिनकापार स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय के भवन निर्माण की स्वीकृति, क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं स्टाफ की नियुक्ति तथा किसानों की एग्रीस्टेक पंजीयन, सिंचाई, खाद-बीज जैसी समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई।

बिजली दर और स्मार्ट मीटर को लेकर भी सरकार पर हमला
जिला कांग्रेस कमेटी बालोद के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने बिजली दरों में वृद्धि और स्मार्ट मीटर को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस शासन की 400 यूनिट तक आधा बिजली बिल योजना का हवाला देते हुए कहा कि योजना समाप्त होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने ई-केवाईसी के नाम पर उपभोक्ताओं को परेशान किए जाने का आरोप भी लगाया।
जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष जागृत सोनकर ने देवरी क्षेत्र में कथित अवैध जुआ, सट्टा और शराब कारोबार का मुद्दा उठाते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने गौठान योजना को बंद किए जाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित होने का आरोप भी लगाया।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सड़कों, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, किसानों की समस्याओं और कथित अवैध कारोबार जैसे मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

‘धरना नहीं, अपनी नाकामियों का प्रायश्चित करें विधायक’—अभिषेक शुक्ला
कांग्रेस के आंदोलन के बाद भाजपा नेता अभिषेक शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पांच वर्ष तक सत्ता में रही कांग्रेस के विधायक द्वारा आज सड़क के मुद्दे पर आंदोलन करना जनता के साथ राजनीतिक मजाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान क्षेत्र की सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सुधारने के लिए पर्याप्त अवसर होने के बावजूद ठोस समाधान नहीं किया गया।
शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है और जिन सड़कों का कांग्रेस शासन में समय पर जीर्णोद्धार नहीं हुआ, उन्हें अब बजट एवं स्वीकृति की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया जा रहा है। उनके मुताबिक विधायक को चक्काजाम के बजाय सरकार से संवाद कर विकास कार्यों को गति देने में सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “धरना देने से इतिहास नहीं बदलता और चक्काजाम करने से पुरानी नाकामियां नहीं छिपतीं। जनता हिसाब मांग रही है कि पिछले पांच वर्ष सत्ता में रहते हुए कांग्रेस विधायक ने क्षेत्र के लिए क्या किया।”
सोशल मीडिया पर सड़क का मुद्दा उठाने वाले युवाओं का भी जिक्र
भाजपा नेता ने अर्जुन्दा के एक युवा द्वारा सोशल मीडिया पर खराब सड़क का मुद्दा उठाए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता और युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है और सड़क की तस्वीर सोशल मीडिया पर डालने वाले युवा को जवाब काम के माध्यम से दिया जाना चाहिए।
शुक्ला ने कांग्रेस विधायक पर आरोप लगाया कि उनके पास अपनी उपलब्धियों का ठोस हिसाब नहीं है, इसलिए आंदोलन के जरिए जनता का ध्यान अपनी विफलताओं से हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने विधायक को “राजनीतिक नौटंकी” बंद कर सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने की सलाह दी।
एक ही मुद्दे पर आमने-सामने कांग्रेस-भाजपा
देवरी–मार्रीबंगला क्षेत्र की बदहाल सड़कों और लंबित विकास कार्यों का मुद्दा अब सीधे राजनीतिक टकराव का विषय बन गया है। कांग्रेस जहां सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और किसानों की समस्याओं को लेकर राज्य सरकार को घेर रही है, वहीं भाजपा कांग्रेस शासनकाल की जवाबदेही को मुद्दा बनाकर विधायक कुंवर सिंह निषाद पर पलटवार कर रही है।
ऐसे में क्षेत्र की जनता के लिए मूल सवाल यही है कि वर्षों से लंबित सड़क, पुलिया, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी कार्यों को आखिर कब प्रशासकीय स्वीकृति और धरातल पर अमलीजामा मिलेगा। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब निगाहें शासन-प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।













