रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में मंगलवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई। आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक रेल पहुंची। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में ताड़ोकी–रावघाट तथा अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर रावघाट–रायपुर और रायपुर–कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। वहीं, रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास भी किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
इन परियोजनाओं के शुरू होने से छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को राजधानी रायपुर से जोड़ने, यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने और औद्योगिक गतिविधियों को गति देने का रास्ता मजबूत हुआ है। खासकर बालोद जिले के यात्रियों के लिए रावघाट–रायपुर मेमू ट्रेन की शुरुआत बड़ी सौगात है। लंबे समय से बेहतर रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को अब राजधानी तक रेल से आवागमन का विकल्प मिला है।

रावघाट तक रेल पहुंचना ऐतिहासिक उपलब्धि
दल्लीराजहरा–रावघाट रेल परियोजना के अंतर्गत लगभग 1,628 करोड़ रुपये की लागत से 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण किया गया है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का कार्य पूरा होने के साथ परियोजना का यह महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होना दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों के लिए परिवहन के नए अवसर खोलने वाला कदम है।
अब इस क्षेत्र के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़े केंद्रों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। बेहतर रेल संपर्क से स्थानीय बाजारों को विस्तार मिलने के साथ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
इस परियोजना का औद्योगिक महत्व भी अहम है। रावघाट क्षेत्र में लौह अयस्क के परिवहन को बेहतर रेल सुविधा मिलने से भिलाई इस्पात संयंत्र सहित लौह एवं इस्पात उद्योग की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। कच्चे माल की ढुलाई सुगम होने से परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और औद्योगिक विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी।

रावघाट–रायपुर मेमू ट्रेन से बालोद को बड़ी सौगात
रावघाट से राजधानी रायपुर तक नई यात्री रेल सेवा शुरू होने से बालोद जिले के यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। शुभारंभ के दिन मंगलवार को मेमू ट्रेन शाम 5 बजकर 19 मिनट पर बालोद रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां से छह यात्री रायपुर और मड़ौदा के लिए ट्रेन में सवार हुए। यह ट्रेन शनिवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन संचालित होगी।
इस नई सेवा से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, युवाओं और अन्य यात्रियों को राजधानी तक आने-जाने के लिए सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार और व्यापार से जुड़े कार्यों के लिए रायपुर जाने वाले लोगों का सफर भी आसान हो सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को राजधानी से जोड़ने के साथ यह सेवा क्षेत्रीय सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सहायक हो सकती है।
रेलवे की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, रायपुर से रावघाट तक यात्रा का किराया 55 रुपये निर्धारित किया गया है। किफायती किराये में रेल यात्रा की सुविधा विद्यार्थियों, दैनिक यात्रियों और आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

महिला लोको पायलट ने बताया सपने के साकार होने जैसा
रावघाट–रायपुर मेमू ट्रेन की कमान महिला लोको पायलट प्रतिभा सिद्धार्थ बंसोड़ के हाथों में रही। उन्होंने रावघाट तक ट्रेन चलने को सपने के साकार होने जैसा अनुभव बताया। उनका कहना था कि जिस क्षेत्र में कभी आवागमन करना भी मुश्किल था, वहां आज रेल दौड़ रही है। यह बेहद खुशी और गर्व की बात है।
प्रतिभा सिद्धार्थ बंसोड़ ने इस अवसर के लिए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रावघाट से सीधे राजधानी रायपुर तक रेल सुविधा उपलब्ध होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। उनकी यह प्रतिक्रिया इस रेल सेवा के सामाजिक महत्व और क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही अपेक्षाओं को भी सामने लाती है।

अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज लाइन से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
केन्द्री–धमतरी एवं अभनपुर–राजिम गेज परिवर्तन परियोजना के तहत अभनपुर से राजिम के बीच रेल लाइन का कार्य पूरा होने के बाद यात्री सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं। इसी परियोजना के अंतर्गत अभनपुर–कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का गेज परिवर्तन कार्य भी पूरा कर लिया गया है। शेष कुरूद–धमतरी सेक्शन में काम जारी है, जिसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य है।
अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज लाइन के उद्घाटन से क्षेत्र में रेल संपर्क का विस्तार होगा। इससे रायपुर तक आवागमन करने वाले यात्रियों को बेहतर विकल्प मिलेगा। व्यापार, कृषि और दैनिक परिवहन की जरूरतों को पूरा करने में भी इस रेल लाइन की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद है।
रायपुर–कुरूद नई यात्री रेल सेवा शुरू होने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों और व्यापारियों को लाभ मिल सकता है। बेहतर रेल संपर्क से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की राजधानी तक पहुंच आसान होगी तथा शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार संबंधी अवसरों का लाभ उठाने में सुविधा मिलेगी।

रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी की आधारशिला
रेल अवसंरचना के विस्तार के साथ रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास भी किया गया। प्रस्तावित सुविधा में भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित करने की योजना है।
इस सुविधा से इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव को बेहतर बनाने, उनकी उपलब्धता बढ़ाने और रेल परिचालन को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। बढ़ती माल परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करने और औद्योगिक वस्तुओं की ढुलाई को समर्थन देने के लिहाज से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण है।

केंद्र और राज्य सरकार ने जताई प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इन रेल परियोजनाओं और नई यात्री सेवाओं के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में प्रदेश में रेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, चालू वर्ष में छत्तीसगढ़ को रेल बजट के अंतर्गत 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन परियोजनाओं से दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा और औद्योगिक, व्यापारिक तथा सामाजिक-आर्थिक विकास को नई गति प्राप्त होगी।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी छत्तीसगढ़ में रेल अवसंरचना के विस्तार को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन, केन्द्री–अभनपुर–राजिम–धमतरी आमान परिवर्तन और विभिन्न मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि खरसिया–परमालकसा डबल लाइन परियोजना पर काम जारी है और पेंड्रारोड–बिलासपुर–उसलापुर तीसरी रेल लाइन को हाल ही में कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी, यात्री सुविधाओं और माल परिवहन क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद लक्ष्मी वर्मा, बृजमोहन अग्रवाल और रूपकुमारी चौधरी सहित विधायक राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा और मोतीलाल साहू उपस्थित रहे। वहीं, रावघाट स्टेशन पर सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी और अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक मौजूद थे।













